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डीएपी न मिलने पर किसानों ने समिति में काटा हंगामा

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राजपुर। अमरौधा ब्लॉक के शाहजहांपुर शेखपुर सहकारी समिति में डीएपी व यूरिया की एक-एक बोरी दिए जाने से नाराज किसानों ने जमकर हंगामा काटा। किसानों ने कहा कि 20 दिनों से समिति के चक्कर काट रहे हैं। इसके बाद भी खाद नहीं मिल पा रही है। किसानों ने सचिव पर अपने चहेतों को खाद देने का भी आरोप लगाया।
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समिति में 24 अक्तूबर को 500 बोरी डीएपी व इतनी ही यूरिया की खेप आई थी। इसकी जानकारी पर मंगलवार को बड़ी संख्या में किसान पहुंच गए। सचिव ने स्टॉक कम होने की बात कह एक-एक बोरी देना शुरू किया तो नाराज किसानों ने हंगामा किया। टोकन देकर खाद दिलाई गई कुछ ही देर में खाद खत्म होने पर किसान मायूस होकर लौट गए।
जीएसटी का नवीनीकरण न होने से समितियों में ताला
राजपुर। ब्लॉक के पैलावर व भाल सहकारी समिति में तालाबंद हैं। प्राइवेट दुकानदार प्रति बोरी दो सौ रुपये अधिक वसूल रहे हैं। पैलावर गांव के रामकृष्ण, रामपाल, योगेंद्र, जयवीर ने बताया कि दो वर्षों से समिति मे तालाबंद है। ब्लॉक की गौरी हसनपुर, दमनपुर, भाल, मदियापुर, अनवां व विलासपुर समितियों में तालाबंदी चल रही है। भाल सहकारी समिति के अध्यक्ष क्रांतिवीर सिंह ने बताया कि समिति में जीएसटी नंबर का नवीनीकरण न होने से संचालन नहीं हो पा रहा है। अधिकांश समितियों में यही समस्या है। (संवाद)
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हमीरपुर से किसान डीएपी लेने आए गजनेर
सरवनखेड़ा। गजनेर स्थित पीसीएफ केंद्र में खाद के लिए किसानों की भीड़ उमड़ रही है। मंगलवार को 40 किलोमीटर दूर हमीरपुर जिले के नसवापुर कदौरा से कुछ किसान खाद लेने आए। केंद्र प्रभारी मुकेश कुमार ने बताया कि पांच सौ बोरी डीएपी व सात सौ बोरी उर्वरक का स्टॉक है। जो किसान खाद लेने आ रहे हैं उन्हें आसानी से उपलब्ध हो रही है। मंगलवार को कदौरा से आए अजय यादव, रमेश यादव चार बोरी डीएपी ले गए हैं। मूसानगर के कौरौ गांव से आए किसान हरिशंकर शुक्ला ने बताया कि चार दिन से मूसानगर में खाद नहीं मिल रही है। इससे गजनेर आना पड़ा। दूर से आने वाले किसानों को खतौनी के आधार पर खाद दी जा रही है। (संवाद)
खाद भेजने में देरी का ठीकरा ठेकेदार पर
कानपुर देहात। समितियों में खाद भेजने में देरी का ठीकरा कृषि विभाग के अधिकारी परिवहन ठेकेदार पर फोड़ रहे हैं। जिला कृषि अधिकारी उमेश गुप्ता ने कहा कि रबी फसल बुवाई के चलते डीएपी की मांग काफी बढ़ गई है। ऐसे में खाद को समय से भेजे जाने के निर्देश पीसीएफ के जिला प्रबंधक को दिए गए, लेकिन कानपुर में खाद की रैक आने पर ठेकेदार ने सभी ट्रक वहां भेज दिए। जिससे समितियों में खाद पहुंचने में देरी हुई। जिला कृषि अधिकारी ने कहा कि जिनके पास ई-पॉस मशीन नहीं है या खराब है। वह मोबाइल के जरिये ब्योरा दर्ज करें। किसी समस्या पर उनसे संपर्क किया जा सकता है। बिना ई-पास के खाद बेचने पर रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। (संवाद)
खाद बिक्री के लिए बनाए गए दस नोडल अफसर
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि अकबरपुर ब्लॉक का नोडल अधिकारी जिला खाद्य विपणन अधिकारी राघवेंद्र सिंह, सरवनखेड़ा का प्रोबेशन अधिकारी अभिषेक पांडेय, मैथा का जिला क्रीड़ा अधिकारी प्रदीप चौहान, मलासा का जिला उद्यान अधिकारी सुभाष चंद्र, अमरौधा का जीएम डीआईसी सीवी सिंह, राजपुर का डीडीओ गोरखनाथ भट्ट, संदलपुर का समाज कल्याण अधिकारी डीसी गुप्ता, डेरापुर का डीपीओ राकेश यादव, झींझक को जिला पिछड़ा वर्ग अधिकारी गिरिजा शंकर सरोज, रसूलाबाद का सहायक निबंधक सहकारिता देवेंद्र वर्मन को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। इसी तरह उर्वरक निरीक्षकों की अलग से टीम बनाई गई है।
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