जिले के किसान वैज्ञानिक और उन्नतिशील तकनीक अपनाकर बढ़िया
लाभ कमा सकते हैं। जिले का विकास विभाग योजनाओं के माध्यम से आगे बढ़ने
वाले किसानों के साथ हैं। उक्त बात मुख्य विकास अधिकारी ने विकास भवन
आडिटोरियम में स्व. चौधरी चरण सिंह जन्मदिवस पर आयोजित किसान सम्मान समारोह
के दौरान कही।
इस दौरान विभिन्न विकासखंडों के प्रगतिशील किसानों को शॉल व
प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया।
बुधवार को भूतपूर्व प्रधानमंत्री
स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह का जन्मदिवस विकास भवन आडिटोरियम में आयोजन किया
गया। इस दौरान किसान दिवस सम्मान 2015-16 कृृषि तकनीकी प्रबंध अभिकरण की ओर
से किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य विकास अधिकारी राजकुमार
श्रीवास्तव व मुख्य चिकित्साधिकारी डा. आरए सिंह ने स्व. चौधरी चरण सिंह के
चित्र पर पुष्प अर्पितकर किया।
मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि जिले में
प्रगतिशील किसानों को लाभ देने के लिए कृषि विभाग, पशुपालन विभाग, उद्यान
विभाग, मत्स्य विभाग के जरिये सहयोग किया जा रहा है। कहा कि किसान अपनी
मिट्टी की जांच अवश्य कराएं। हाईब्रिड बीजों का प्रयोग करना उत्पादकता
बढ़ाने में कारगर साबित होगा।
किसान इन बीजों का प्रयोगकर बढ़िया फसल
पैदावार ले सकते हैं। मुख्य चिकित्साधिकारी डा. आरए सिंह ने कहा कि स्व.
चौधरी चरण सिंह किसानों से जुड़े नेता थे।
उन्होंने किसानों की समस्याओं का
समाधान की ओर काफी प्रयास किए। इस मौके पर उपकृषि निदेशक रमाकांत तिवारी
कहा कि चौधरी चरण सिंह को किसानों का मसीहा यूं ही नहीं कहा जाता है।
उन्होंने जीवन पर्यंत किसानों के हितों के संघर्ष किया है। आज किसानों का
सम्मान उन्हीं की याद में है। इसी क्रम में जिला कृषि अधिकारी रामसजीवन ने
कहा कि सम्मान समारोह में मौजूद सभी किसान अपने खेत की मिट्टी का भरपूर
उपयोग लें। वैज्ञानिक और कृषि आधारित उन्नतशील प्रजातियों को ही बोएं।
जिला
उद्यान अधिकारी राजेंद्र कुमार ने कहा कि फूल व सब्जी की खेती भी आमदनी का
बढ़िया स्रोत है। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने विभिन्न विकासखंडों से
आए प्रगतिशील किसानों को माला पहनाई और शाल व प्रमाणपत्र देकर सम्मानित
किया।
कार्यक्रम में जिला विकास अधिकारी राजितराम मिश्रा, उपकृषि
निदेशक आरके तिवारी, जिला कृषि अधिकारी रामसजीवन, जिला उद्यान अधिकारी
राजेंद्र कुमार, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. विजय सिंह, मुख्य कार्यकारी
अधिकारी मत्स्य अधिकारी रणजीत सिंह, भूमि संरक्षण अधिकारी शशिकेश सिंह,
परियोजना प्रबंधक भूमि सुधार निगम डा. योगेश कुमार, वैज्ञानिक डा. आरए
त्रिपाठी, डिप्टी सीवीओ डा. केजी सक्सेना, आर के गुप्ता सहायक निबंधक
सहकारी समितियां, सहायक उद्यान निरीक्षक संघशील गौतम, प्रेमचंद्र, अजय
गुप्ता, वरिष्ठ उद्यान निरीक्षक रामप्रकाश, सुरेश कुमार आदि मौजूद रहे।