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अंतरराष्ट्रीय फलक पर छाई किसान की बेटी: कानपुर की काव्या ने साबित किया, प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं

Tue, 17 Aug 2021 02:40 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

छात्रा के इस लेख को पसंद किए जाने के बाद नेशनल बुक ट्रस्ट (एनबीटी) उसे शोध करने के लिए छह माह की ट्रेनिंग कराएगा। पहले फेज में एनबीटी के प्रसिद्ध लेखक चार हफ्ते की ऑनलाइन ट्रेनिंग देंगे।
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काव्या - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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आजादी के आंदोलन के अनछुए पहलुओं को अपने लेख से उजागर कर काव्या ने न केवल किसान पिता का नाम रोशन किया है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय फलक पर भी उसने अपनी छाप छोड़ी है। ऑनलाइन हुई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में पहला स्थान हासिल कर उसने साबित कर दिया है कि प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती है।
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सफल 75 प्रतिभागियों में पहले स्थान पर आने वाली काव्या जवाहर नगर पश्चिमी घाटमपुर के रहने वाले किसान मन्नीलाल की बेटी है। काव्या मन्नीलाल की तीन बेटियों में सबसे छोटी है। उसकी बड़ी बहन प्रियंका की शादी हो चुकी है, जबकि दूसरी बहन रुचि बीए फाइनल की छात्रा है। भाई शिवम सचान प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा है। काव्या कानपुर देहात के नवोदय विद्यालय में कक्षा आठ में पढ़ती है। पिता खेती करके जीवन यापन कर रहे हैं। मां सुशीला गृहणी हैं। 

छह माह की ट्रेनिंग कराएगा नेशनल बुक ट्रस्ट
छात्रा के इस लेख को पसंद किए जाने के बाद नेशनल बुक ट्रस्ट (एनबीटी) उसे शोध करने के लिए छह माह की ट्रेनिंग कराएगा। पहले फेज में एनबीटी के प्रसिद्ध लेखक चार हफ्ते की ऑनलाइन ट्रेनिंग देंगे। इसके बाद दिल्ली में छात्रा को तीन महीने की ट्रेनिंग दी जाएगी। ट्रेनिंग खत्म होने पर छह माह तक छात्रा को 50 हजार रुपये प्रतिमाह स्कॉलरशिप मिलेगी। हालांकि ट्रेनिंग के बाद रिसर्च तक छात्रा को स्थान की जानकारी किसी से साझा न करने के लिए कहा गया है।
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नेशनल यूथ डे पर प्रकाशित होगी पुस्तक
छात्रा ट्रेनिंग करने के बाद इस आंदोलन पर रिसर्च करेगी। रिसर्च के बाद बुक प्रकाशित की जाएगी। इस बुक को नेशनल यूथ-डे 12 जनवरी को लांच किया जाएगा। बुक प्रकाशित होने पर दस प्रतिशत रायॅल्टी छात्रा को दी जाएगी। छात्रा ने बताया कि इस लेख में जवाहर नवोदय विद्यालय की शिक्षक हरमीत कौर ने मार्ग दर्शन किया। शिक्षक हरमीत कौर ने बताया कि इस प्रतियोगिता में 12 छात्राओं ने प्रतिभाग किया है। हालांकि अन्य सफल नहीं हो सके हैं।

आजादी के अनछुए पहलू पर हुई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में पहला स्थान हासिल कर छात्रा ने विद्यालय का नाम रोशन किया है। प्रधानमंत्री ने मेल करके छात्रा की प्रशंसा की है। छात्रा बेहद प्रतिभावान है। उसकी सफलता पर विद्यालय में खुशी है।
सुमन कुमार, प्राचार्य, नवोदय विद्यालय जलालपुर नागिन 

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