डॉक्टर ने दे दिया आई ड्रॉप
राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि चार मार्च से लेकर दस मार्च तक उन्हें आंख से ठीक दिखा। फिर अगले दिन उन्हें धुंधला दिखने लगा। इस पर वे फिर से उर्सला अस्पताल पहुंचे। इस पर डॉक्टर ने उन्हें आंख में कीचड़ आने की बात कहकर ड्रॉप डालने के लिए दिया।
दूसरी जगह जांच करवाने पर हुआ खुलासा
वे लगातार आंख में ड्रॉप डालते रहे। फिर 17 मार्च को उन्हें दाईं आंख से बिलकुल दिखना बंद हो गया। इसके बाद उन्होंने उर्सला अस्पताल जाकर शिकायत की, तो डॉक्टर लगातार चार दिनों तक उन्हें टहलाते रहे। फिर उन्होंने खैराबाद नेत्र चिकित्सालय और जवाहर लाल रोहतगी नेत्र चिकित्सालय में जांच कराई।
सीएमएस को सौंपी गई है जांच
इसके बाद पता चला कि उनकी आंख का परदा कटकर लटक गया है। जिस कारण से आंख की रोशनी चली गई। उन्होंने सीएमओ कार्यालय में मामले की शिकायत की। सीएमओ डॉ आलोक रंजन ने बताया कि सीएमएस को जांच सौंपी गई है। रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जायेगी।