कलाकारों को दी जाती है ट्रेनिंग
इस बीच भीड़ से कुछ महिलाएं चीखने लगती हैं। वो बाल खोलकर खुद पर भूत का साया बताती हैं। तभी अन्य कलाकार भी अपने रोल में आ जाते हैं, सिर और हाथ पटकने लगते हैं। यह करने वाले ‘कलाकारों’ को बाकायदा नाटक की ट्रेनिंग दी जाती है।
करौली सरकार आश्रम कानपुर
- फोटो : अमर उजाला
बाबा के सामने ही बनाया जाता है वीडियो
इस बीच म्यूजिक से ऐसा डरावना माहौल बनाया जाता है ताकि लोगों को भ्रम जाल सच लगे। इसके बाद उन्हें बाबा के सामने खड़ा कर उनका वीडियो बनाया जाता है। इसके बाद वह झूमते हुए भूत प्रेत से मुक्ति समेत बाबा की कृपा से सब दुखों के निवारण के बारे में कहती हैं।
भूतप्रेत की बाधाएं दूर करने का होता है नाटक
इसकी पटकथा पहले ही उन्हें रटा दी जाती है। इन कलाकारों को दो से ढाई हजार रुपये प्रतिदिन के दिए जाते हैं। मंडली का एक ठेकेदार भी होता है। इसके बाद बाबा उन महिलाओं पर सवार भूतप्रेत की बाधाएं नाटकीय ढंग से दूर करने का नाटक करते हैं। ऐसे ही भ्रामक वीडियो को लोग सच मान बाबा के जाल में फंस जाते हैं।
करौली सरकार आश्रम कानपुर
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बयान दर्ज कराने आएंगे डॉ. सिद्धार्थ
नोएडा के डॉ. सिद्धार्थ चौधरी चार दिन बाद करौली बाबा उर्फ संतोष भदौरिया के खिलाफ बयान दर्ज कराने शहर आएंगे। उन्होंने पहले बुधवार को बयान दर्ज कराने की बात कही थी। बुधवार सुबह बिधनू पुलिस ने फोन किया तो डॉक्टर ने नवरात्र के बाद सोमवार को साक्ष्य समेत थाने पहुंचकर बयान दर्ज कराने की बात कही।
आश्रम में पांचवीं बार पहुंची पुलिस
वहीं बुधवार को पांचवीं बार पुलिस ने आश्रम पहुंचकर साक्ष्य एकत्रित किए। डॉ. सिद्धार्थ चौधरी ने बीते 19 मार्च को करौली बाबा और उसके सेवादारों के खिलाफ बिधनू थाने में मारपीट की एफआईआर दर्ज कराई था। आरोप है कि 22 फरवरी को बाबा और उसके सेवादारों ने मारपीट की थी।
एसीपी घाटमपुर दिनेश कुमार शुक्ला ने बताया कि जांच चल रही है। पुलिस लगातार आश्रम से घटना से जुड़े साक्ष्य एकत्र करने का प्रयास कर रही है। डॉक्टर के बयान दर्ज होने के बाद कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी। पुलिस के टीमों के द्वारा आश्रम की जानकारियां भी जुटाई जा रही हैं।