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ED Raid on Irfan Solanki: नजीर फातिमा बोली- सपा में तो मेरे घर पर बुलडोजर चलता था, योगी भइया से न्याय मिला

Fri, 08 Mar 2024 07:13 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: नाजिर फातिमा ने प्लॉट में आगजनी के मामले में इरफान व उनके भाई रिजवान पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने कहा कि वह 2001 से अपनी जमीन के लिए विधायक के परिवार से लड़ रही हैं। उनके प्लॉट की तीन बार फर्जी ढंग से रजिस्ट्री भी हो गई। जब विरोध किया, तो 16 साल के बेटे को 10 फर्जी मुकदमों में फंसा दिया गया।
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इरफान सोलंकी के घर ईडी का छापा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कानपुर में सपा विधायक इरफान सोलंकी एक साल पहले उस समय प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की नजर में आ गए थे, जब उनकी करीब 100 करोड़ की संपत्ति जब्त हुई थी। इसके बाद से ईडी अपने स्तर पर अंदर ही अंदर जांच कर रही थी। इसके बाद गुरुवार को भारी भरकम टीम के साथ इरफान, उनके भाई, चाचा और दो सहयोगियों के यहां छापा मारा।

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दरअसल, जाजमऊ में एक प्लॉट में आगजनी के बाद 26 दिसंबर 2022 को सपा विधायक इरफान सोलंकी को गैंग लीडर बनाते हुए रिजवान, शौकत पहलवान, इजराइल आटेवाला और मोहम्मद शरीफ के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में एफआईआर दर्ज की गई थी। विवेचना में हाजी अज्जन, मुर्सलीन उर्फ भोलू और मन्नू रहमान को भी शामिल किया गया था।

इस मामले में पुलिस ने 27 मई 2023 को 1450 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी। इसके बाद अलग-अलग कार्रवाई में इरफान की करीब 100 करोड़ की संपत्ति जब्त की गई। ईडी के सूत्रों की मानें तो इसी के बाद ईडी ने नजर रखनी शुरू कर दी थी। उसमें अहम सबूत और तथ्य सामने आने के बाद कार्रवाई की गई।

काले धन और बेनामी संपत्तियों को लेकर हुई थी जांच
ईडी सूत्र बताते हैं कि सपा विधायक और उनके करीबियों की संपत्तियों और काले धन को लेकर पहले तथ्य जुटाए गए थे। यह पता लगाने का प्रयास किया गया कि जो संपत्तियां जब्त हुईं, आखिरकार उसे खरीदने के लिए पैसे कहां से आए। जमीनों पर अगर जबरन कब्जा किया गया है तो कार्रवाई क्या हुई।

नजीर फातिमा ने कहा- अब जगी न्याय की उम्मीद
सपा सरकार में मेरे परिवार को हमेशा सताया गया। विधायक के परिवार के दबाव में मेरे अपने घर पर बुलडोजर चला। अब मुख्यमंत्री योगी भैया से न्याय मिला है। कोर्ट से भी हक में फैसला आने की पूरी उम्मीद है। उम्मीद है कि इसके बाद मेरे प्लॉट की रजिस्ट्री मेरे नाम हो जाएगी। यह कहना है नाजिर फातिमा का, जिन्होंने प्लॉट में आगजनी के मामले में इरफान व उनके भाई रिजवान पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

16 साल के बेटे को 10 फर्जी मुकदमों में फंसा दिया
नजीर फातिमा ने बताया कि वह 2001 से अपनी जमीन के लिए विधायक के परिवार से लड़ रही हैं। उनके प्लॉट की तीन बार फर्जी ढंग से रजिस्ट्री भी हो गई। जब विरोध किया, तो 16 साल के बेटे को 10 फर्जी मुकदमों में फंसा दिया गया। उसे पुलिस उठा ले गई। 10 साल बाद वह मुकदमों से बरी हुआ। इसके बाद उसकी मौत भी हो गई। उनकी छोटी बेटी कनीज जहीरा और बेटे शमसुल हसन ने भी मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया।

ऐसे कसता गया विधायक और सहयोगियों पर शिकंजा
दो वर्ष पूर्व आठ नवंबर-2022 को डिफेंस काॅलोनी जाजमऊ निवासी नसीर फातिमा ने विधायक व उनके भाई रिजवान पर प्लॉट पर जबरन कब्जा करने और आग लगाने का आरोप लगाया था। मामले में दोनों को जेल भेजा गया है। इसके बाद शुरू हुई जांच में विधायक की पत्नी नसीम के हाजी वसी की हमराज कंस्ट्रक्शन कंपनी में निदेशक होने की बात सामने आई थी।

दंगे में फंडिंग करने का भी आरोप है
इसके बाद हाजी वसी और सपा नेत्री नूरी शौकत के पिता शौकत अली पर शिकंजा कसा गया था। हाजी वसी पर तीन जून-2022 को शहर में हुए दंगे में फंडिंग करने का भी आरोप है। इस मामले में वह जेल भी भेजा गया था, जबकि शौकत की गिरफ्तारी जमीन कब्जाने के आरोप में हुई थी। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बांग्लादेशियों को देश में बसाने का भी आरोप था।

इरफान की पत्नी ने वकील को दी सूचना
सपा विधायक के घर जब टीम पहुंची तो उनका गार्ड और ड्राइवर नीचे मौजूद थे। उनसे परिवार को लेकर पूछताछ की गई तो उन्होंने बताया कि परिवार के लोग विधायक से मिलने गए हैं। इस पर ईडी के सदस्यों ने अपना परिचय दिया और घर में दाखिल हो गए। मेन गेट पर सीएपीएफ (सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स) की ड्यूटी लगाई गई। जब सपा विधायक की पत्नी नसीम सोलंकी तक छापे की खबर पहुंची तो उन्होंने अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित को जानकारी दी। हालांकि नसीम सोलंकी को पुलिस रेड की जानकारी दी गई थी।
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दिनभर रहा गहमागहमी का माहौल
विधायक और उनके सहयोगियों के यहां ईडी के छापेमारी की खबर से पूरे शहर में सनसनी फैल गई। ईडी की टीम ने छापेमारी के विधायक और उनके गिरोह से ताल्लुकात रखने वाले अन्य लोगों के बारे में भी जानकारी जुटाई।
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