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डॉ. गौरव सिंह हत्याकांड: दोस्ती में विश्वासघात, फिर उतारा मौत के घाट, आठ बार पत्थर से भिड़ाया सिर

Thu, 16 Mar 2023 08:40 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

डॉ. गौरव सिंह हत्याकांड में एसीपी चकेरी अमरनाथ यादव ने बताया कि हत्यारोपी के अनुसार उसके डॉ. गौरव की पत्नी प्रियंका से प्रेम संबंध थे, इसका डॉक्टर को शक हो गया था इसलिए उसने डॉक्टर को रास्ते से हटा दिया। हालांकि पुलिस के पास प्रेम संबंधों के कोई सुबूत नहीं हैं।
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डॉ. गौरव की परिवार के साथ फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उन्नाव के पूर्व मंत्री गंगा बख्श सिंह के नाती व डेंटल सर्जन डॉ. गौरव प्रताप सिंह (42) की हत्या उनके 12 साल पुराने दोस्त एयरफोर्स में सार्जेंट मुदित श्रीवास्तव ने बड़ी बेरहमी से की थी। डॉ. गौरव दोस्त पर जान छिड़कते थे। डॉक्टर की पत्नी प्रियंका का दावा है कि आरोपी को उनके पति ने 50 लाख का कर्ज दिया था, जिसे वह चुकाना नहीं चाह रहा था इसलिए उसने हत्या कर दी। डॉ. गौरव के पिता की ओर से दर्ज एफआईआर में भी मुदित पर प्रॉपर्टी, कार और रुपये हड़पने का आरोप लगाया गया है।

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बुधवार को आरोपी सार्जेंट को पुलिस ने जेल भेज दिया। आवास विकास उन्नाव निवासी डॉ. गौरव प्रताप सिंह 13 मार्च को गंगा मेले पर पत्नी प्रियंका सिंह को उनके मायके राजीव विहार नौबस्ता छोड़ने आए थे। शाम लगभग 6 बजे पत्नी को वहां पर छोड़कर वह एक संपत्ति देखने के अलावा दोस्त मुदित श्रीवास्तव के पास जाने की बात कहकर निकल गए थे। उसके बाद से डॉक्टर का कुछ पता नहीं चला।

14 मार्च को पत्नी जब थाने पहुंची तो चकेरी पुलिस ने शाम 5:40 बजे डॉक्टर की गुमशुदगी दर्ज की। गुमशुदगी दर्ज करने के बाद पुलिस ने जब सार्जेंट मुदित श्रीवास्तव से सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने हत्या की बात कबूल की। इसके बाद रात लगभग 12:45 बजे उसकी निशानदेही पर कुलगांव फ्लाईओवर महाराजपुर के नीचे स्थित जंगल में डॉ. गौरव का शव बरामद कर लिया गया।

एसीपी चकेरी अमरनाथ यादव ने बताया कि हत्यारोपी के अनुसार उसके डॉ. गौरव की पत्नी प्रियंका से प्रेम संबंध थे, इसका डॉक्टर को शक हो गया था इसलिए उसने डॉक्टर को रास्ते से हटा दिया। हालांकि पुलिस के पास प्रेम संबंधों के कोई सुबूत नहीं हैं। वहीं एफआईआर में भी पत्नी नामजद नहीं है। डॉक्टर के पिता ने तहरीर देकर सार्जेंट मुदित श्रीवास्तव और उसके साथियों के खिलाफ हत्या की धारा में एफआईआर दर्ज कराई है।

आठ बार पत्थर से भिड़ाया सिर
आरोपी मुदित ने पूछताछ में बताया कि 13 मार्च की रात को उसने डॉ. गौरव को खूब शराब पिलाई। इतनी शराब पिलाई कि वह अपने पैरों पर खड़े होने की स्थिति में नहीं थे। उसके बाद गाड़ी से उन्हें हाईवे पर ले गए। वहां सुनसान जंगल देख क्रेटा गाड़ी रोकी। डॉक्टर को गाड़ी से बाहर निकाला उसके बाद सड़क पर लगे बड़े से पत्थर में आठ बार उनका सिर लड़ाया, थोड़ी ही देर में डॉ. गौरव की मौत हो गई। उसके बाद गाड़ी लेकर चकेरी के आकाश गंगा विहार कॉलोनी स्थित घर आ गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक डॉ. गौरव के सिर पर कई बार भारी वस्तु से प्रहार हुआ था, अधिक खून बहने से मौत हो गई।

पत्नी से ज्यादा दोस्त पर करते थे भरोसा
परिजनों ने बताया कि डॉ. गौरव पत्नी से ज्यादा मुदित पर विश्वास करते थे। उनका मुदित के साथ रुपये का लेन देन भी चलता था। पांच साल पहले जब मुदित लुधियाना में तैनात था तब उसने कैंटीन से गौरव के लिए एक क्रेटा कार खरीदी थी, जिसके पैसे गौरव ने दिए थे। कार मुदित के ही नाम थी लेकिन डॉ. गौरव उसे चलाते थे। दोनों पिछले साल एक साथ घूमने लद्दाख भी गए थे। इसका खर्चा डॉ. गौरव ने ही उठाया था।

हर सप्ताह घर पर था आना जाना
परिजनों ने बताया कि मुदित मूलरूप से उन्नाव का ही रहने वाला है। मुदित हर शनिवार और रविवार उन्नाव स्थित अपने घर आता था। वह जब भी आता तो गौरव से मिलने जरूर आता था। दोनों एक साथ बाहर खाना खाने जाते थे। गौरव मुदित को दोस्त कम भाई ज्यादा मानते थे। मुदित द्वारा हत्या किए जाने के बाद हर कोई अवाक रह गया। लोगाें का कहना था अगर दोस्त ऐसा होता है तो दोस्ती से विश्वास उठ जाएगा। 

 

छह माह पहले हुई थी मां की मौत
डॉ. गौरव प्रताप सिंह के पिता डॉ. प्रबल प्रताप सिंह बीएचएमएस के पद से रिटायर हुए हैं। वहीं उनकी मां  डॉ. कुसुमा सिंह उर्फ आशा उन्नाव की हड़हा सीट से कई बार विधायक और राज्यमंत्री रहे डॉ. गंगा बख्श सिंह की बेटी थीं। डॉ. कुसुमा शिकोहाबाद से वर्ष 2017 में डीएचओ के पद से रिटायर हुईं थीं। डॉ. कुसुमा की छह माह पहले मौत हो गई थी। छह पहले पत्नी की हुई मौत से अभी डॉ. प्रबल प्रताप उबर भी नहीं पाए थे कि इकलौते बेटे की मौत ने उन्हें तोड़ दिया। वह अपने तीन साल के पोते रुद्रांश को गले लगाकर रोते रहे।

चार साल पहले गौरव ने की थी दूसरी शादी 
परिजनों ने बताया कि डॉ. गौरव की कई साल पहले बरेली की डॉ. रुचि से शादी हुई थी। उनकी तीन साल की बेटी है। फिर दोनों में तलाक हो गया था। करीब चार साल पहले डॉ. गौरव ने नौबस्ता के राजीवनगर निवासी किसान कमल सिंह की बड़ी बेटी प्रियंका से शादी की थी। जिससे तीन साल का बेटा रुद्र्रांश है। डॉ. गौरव इस साल अपने बेटे का एडमिशन कराने वाले थे। इसके चलते वह प्रियंका को कार भी चलाना सिखा रहे थे, जिससे कि अगर कहीं वह फंस जाएं तो प्रियंका उसे स्कूल ले जाने और ले आने का काम रहे।  

डॉक्टर की हत्या उनके मित्र और एयरफोर्स में सार्जेंट पद पर तैनात मुदित श्रीवास्तव ने की है। डॉक्टर की पत्नी और मुदित के बीच प्रेम संबंध होने का आरोपी ने दावा किया। मुदित को ऐसा शक था कि डॉक्टर को इसकी जानकारी हो चुकी है और डॉक्टर कभी भी उसे मार सकता है। इस कारण उसने डॉ. गौरव की हत्या कर दी। पत्नी की भूमिका की जांच की जा रही है। अगर उसका दोष साबित होता है तो उसे भी गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।- रविंद्र कुमार डीसीपी ईस्ट
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डॉ. गौरव के नाम है करीब 60 करोड़ की संपत्ति
मृतक के मामा पप्पू सिंह ने बताया कि शिकोहाबाद, लखनऊ और उन्नाव में मृतक डॉ. गौरव के नाम करीब 60 करोड़ की संपत्ति है। उनके मुताबिक हत्यारोपियों ने यह दिमाग लगाया होगा कि इसकी मौत के बाद सभी उसमें बंदरबांट कर लेंगे। मामा के मुताबिक गौरव पहली पत्नी की बेटी का धूमधाम से विवाह करने की बात कह रहा था। इसके लिए उसने शादी में करीब 50 लाख खर्च करने की बात कही थी।
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