भाजपा ने अंदरूनी विवाद के चलते यहां अपना प्रत्याशी नहीं उतारा। भाजपा जब जिला पंचायत अध्यक्ष को लेकर प्रत्याशियों का चयन कर रही थी, उसी दौरान अकबरपुर से पार्टी के सांसद ने निर्दलीय जिला पंचायत सदस्य चुनाव जीती नीरज रानी को प्रत्याशी घोषित कर दिया था।
जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के जिलों में अपने प्रत्याशियों को हर हाल में जिताने में जुटी भाजपा कानपुर देहात में बिना मैदान में उतरे दबी जुबान यह सीट भी अपने खाते में आने का दावा ठोक रही है। यहां सपा के सामने भाजपा सांसद देवेंद्र सिंह भोले के भाई राजेंद्र सिंह की पत्नी नीरज रानी स्वतंत्र प्रत्याशी के रूप में मैदान में हैं।
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बताया जा रहा है कि पार्टी ने अंदरूनी विवाद के चलते यहां अपना प्रत्याशी नहीं उतारा। भाजपा जब जिला पंचायत अध्यक्ष को लेकर प्रत्याशियों का चयन कर रही थी, उसी दौरान अकबरपुर से पार्टी के सांसद ने निर्दलीय जिला पंचायत सदस्य चुनाव जीती नीरज रानी को प्रत्याशी घोषित कर दिया था।
साथ ही अपने पक्ष में 26 जिला पंचायत सदस्यों का समर्थन होने का खुलेआम एलान भी किया था। सूत्रों के मुताबिक, इसके खिलाफ कानपुर देहात के विधानसभा क्षेत्रों से जुड़े विधायकों और सांसदों ने एक चिट्ठी पार्टी कोर कमेटी को भेजी। इसके बाद से पार्टी के अंदर खींचतान शुरू हो गई।
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बताया जा रहा है कि इस चिट्ठी में जनप्रतिनिधियों ने जिला पंचायत चुनाव में सदस्यों की उम्मीदवारों को लेकर की गई गड़बड़ी पर सवाल उठाया था। इसके मद्देनजर हुई बैठक में यह फैसला लिया गया कि पार्टी देहात में अपना प्रत्याशी नहीं उतारेगी। इस फैसले पर प्रदेश के साथ पार्टी की राष्ट्रीय इकाई ने भी मुहर लगा दी। अब यह देखना है कि नीरज रानी यदि अध्यक्ष निर्वाचित होती हैं तो भाजपा इसे अपने खाते में गिनाएगी या नहीं।
अभी मेरा पूरा फोकस कानपुर महानगर के चुनाव को लेकर है। इसलिए कानपुर देहात जनपद का अंदाजा नहीं है। आगे जैसा भी होगा देखा जाएगा।- विजय बहादुर पाठक, प्रभारी, पंचायत चुनाव भाजपा