मासूम को गोद में लिए पिता ने भर्ती कराने के लिए बात की तो बताया गया कि बच्चा जिला अस्पताल पुरुष विंग में भर्ती होगा। लेकिन वहां उसे मना कर दिया गया। इस तरह से वह दो घंटे तक जिला अस्पताल व महिला जिला अस्पताल के चक्कर काटता रहा। परेशान पिता ने अस्पताल में हंगामा कर दिया तो अस्पताल प्रबंधन हरकत में आ गया।
महोबा के जिला अस्पताल में अव्यवस्थाओं के चलते एक पिता अपने मासूम बच्चे को भर्ती कराने के लिए भटकता रहा। बाद में उसे महिला जिला अस्पताल में भर्ती किया गया। भड़रा गांव निवासी सुंदर लाल की पत्नी ने दो दिन पहले बच्चे को जन्म दिया।
विज्ञापन
बच्चे की तबीयत बिगड़ने पर पिता उसे महिला जिला अस्पताल लेकर पहुंचा डाक्टर ने बताया कि उसे पीलिया है। मासूम को गोद में लिए पिता ने भर्ती कराने के लिए बात की तो बताया गया कि बच्चा जिला अस्पताल पुरुष विंग में भर्ती होगा। लेकिन वहां उसे मना कर दिया गया।
इस तरह से वह दो घंटे तक जिला अस्पताल व महिला जिला अस्पताल के चक्कर काटता रहा। परेशान पिता ने अस्पताल में हंगामा कर दिया तो अस्पताल प्रबंधन हरकत में आ गया। इसके बाद उसके बच्चे को भर्ती किया गया। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. आरपी मिश्रा ने बताया कि बच्चे को भर्ती कर उपचार किया जा रहा है।
विज्ञापन
वार्ड फुल, निमोनिया के 25 बच्चे भर्ती
महोबा जिले में निमोनिया का कहर कम होने का नाम नहीं ले रहा है। इस समय वार्ड में 25 से अधिक बच्चे निमोनिया के भर्ती है जिनका उपचार किया जा रहा है। वहीं जिला अस्पताल में बने पीआईसीयू वार्ड भी फुल हो गया है। जिससे नए मरीजों को भर्ती करने मेें समस्या हो रही है।
जिसके चलते गैलरी में भी बेड डाल दिए गए हैं। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. आरपी मिश्रा ने बताया कि इस समय वार्ड में 75 बच्चे भर्ती हैं। जिसमें 25 बच्चे निमोनिया के हैं। वहीं 24 घंटे में 19 बच्चे भर्ती किए गए हैं जिसमें 6 बच्चे निमोनिया, 7 बुखार और अन्य उल्टी दस्त के भर्ती किए गए हैं। जिनका उपचार किया जा रहा है।