गोशाला की नादों में पुआल व कर्बी का चारा खाते गोवंश। (संवाद)
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कानपुर देहात। निबौली बुजुर्ग ग्राम पंचायत के मजरा खड़गपुर की अस्थायी गोशाला में अव्यवस्था हावी है। यहां तीन केयर टेकर की तैनाती है इसके बाद भी साफ सफाई नहीं नजर आती है। पुआल व कर्बी का सूखा चारा गोवंश खा रहे हैं।
बरसीम बोने में देरी होने से हरा चारा मवेशियों को नहीं मिल पा रहा है। इससे गोवंश कमजोर हो रहे हैं। एक गोवंश मरणासन्न हालत में है। शनिवार को यहां एक गोवंश की मौत भी हो चुकी है।
अकबरपुर ब्लॉक के खड़गपुर अस्थायी गोशाला में मौजूदा समय में 53 गोवंश हैं। दो केयर टेकर खड़गपुर के हैं। जबकि एक केयर टेकर निबौली का है। तीन केयर टेयर रखे जाने के बाद भी यहां साफ सफाई की स्थिति ठीक नहीं है। नादों के पास ही गोबर आदि एकत्र होने से मवेशियों के बीमार होने का खतरा बना है। परिसर में ही यूकेलिप्टस के लगे पेड़ों के पास जगह-जगह गोबर एकत्र किया गया है।
भूसा झालों में रखा जरूर मिला लेकिन यह गोवंशों को नहीं दिया जा रहा है। केवल पुआल व सूखी कर्बी मिलाकर मवेशियों को खिलाई जा रही है। गोशाला में गोवंशों के सापेक्ष पशुआहार भी बेहद कम मात्रा में मिला। केवल आधी बोरी पशुआहार व करीब डेढ़ बोरी चोकर मिला।
ग्रामीणों का कहना है कि चोकर व पशुआहार केवल दिखावे के लिए रखा गया है। यह गोवंशों को चारे में मिलाकर नहीं दिया जाता है। इसकी वजह से सूखा भूसा खाकर गोवंश कमजोर हो रहे हैं। शनिवार को एक गाय की मौत हो गई। वहीं एक गाय बेहद कमजोर होकर मरणासन्न हालत में है।
रूरा पशु चिकित्सालय के प्रभारी पशु चिकित्सक डॉ. आईए सिद्दीकी इस गोशाला के नोडल अफसर है। नोडल अफसर ने बताया कि 18 नवंबर को गोशाला का निरीक्षण किया था। उस दिन स्थिति ठीक थी। हरा चारा भी दिया गया था। प्रधान को जरूरी धन आवंटन किया गया है। करीब एक बीघा में बरसीम बोई गई है। दिसंबर अंत तक यह तैयार हो जाएगी।