सिंड्रोम एक्स का मतलब है कि किसी रोगी को मोटापा, डायबिटीज, फैटी लिवर, ब्लड प्रेशर और न्यूरो की दिक्कतें एक साथ हों। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. एसके कटियार ने इंडियन काउंसिल आफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के शोध के हवाले से बताया कि संचारी रोगों के रोगी 61 से अब 31 फीसदी हुए हैं, वहीं गैर संचारी रोगों का आंकड़ा 30 से बढ़कर 55 फीसदी हो गया है। यह स्थिति बढ़ती जा रही है।
प्रतिदिन ओपीडी में आने वाले रोगी
- अस्पतालों, व क्लीनिकों की ओपीडी में प्रतिदिन डेढ़ लाख रोगी आते हैं
- डायबिटीज के रोगी 50 हजार होते हैं
- पेट रोगों के रोगी 30 हजार होते हैं
- सीजनल बीमारियों के रोगी 20 हजार
- न्यूरो के रोगियों की संख्या 10 हजार
- आंख के रोगी तीन हजार होते
- कैंसर के रोगियों की दो हजार
- टीबी, अस्थमा के रोगी पांच सौ
- हृदय रोग, हाई ब्लड प्रेशर के 30500
अन्य रोगियों की संख्या एक नजर
हृदय रोगी-15 हजार
हाई ब्लड प्रेशर के रोगी-ढाई लाख
लिवर रोगों के रोगी-दो लाख
अस्थमा रोगी-30 हजार
सीओपीडी के रोगी-आठ हजार
कैंसर रोगी-10 हजार
इरिटेबिल बॉवेल सिंड्रोम-चार हजार
(अस्पतालों से जुटाए आंकड़ों के आधार पर)
शहर की सेहत का हाल बदल रहा है। बैक्टीरिया, वायरस और कीटाणुजनित रोग कम हुए हैं। लाइफ स्टाइल और खानपान संबंधी गैर संचारी रोग बढ़े हैं। अब मेटाबोलिक बीमारियां अधिक हो रही हैं। यह स्थिति लगातार बढ़ती जा रही है। -डॉ. एमके सरावगी, अध्यक्ष, कानपुर नर्सिंग होम एसोसिएशन
इसमें कोई शक नहीं है कि कानपुर डायबिटीज का हब बन रहा है। कोरोना काल में प्रि डायबिटिक अब डायबिटिक हो गए हैं। स्टेरॉयड के इस्तेमाल से नए रोगियों की संख्या भी बढ़ गई है। सब मिलाकर आंकड़ा नौ लाख के इर्द-गिर्द होगा। वर्ष 2015 के हमारे सर्वे में 18 साल से अधिक आयु के दो लाख डायबिटीज के रोगी और तीन लाख प्रि डायबिटिक मिले थे। अब आंकड़ा बहुत बढ़ा है। -डॉ. ब्रजमोहन, संरक्षक, कानपुर डायबिटीज एसोसिएशन
डायबिटीज, लिवर, गुर्दे आदि के रोगी बढ़ रहे हैं। बड़ी संख्या में रोगी हैं जिनमें डायबिटीज कॉमन है। उन्हें विभिन्न रोगों के साथ एक डायबिटीज भी है। इससे स्थिति और गंभीर हो जाती है। ऐसा लाइफ स्टाइल और खानपान की गड़बड़ी के कारण है। -डॉ. एसके गौतम, सीनियर फिजीशियन, जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज
ऐसे काबू में पाया टीबी को
अभियान चलाकर टीबी के रोगियों को चिह्नित किया गया। महंगी दवाएं सरकार ने निशुल्क उपलब्ध कराईं। साथ ही रोगियों की मॉनीटरिंग की गई, जिससे वे दवा बीच में न छोड़ें। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. एपी मिश्रा का कहना है कि टीबी रोगियों को ढूंढने का अभियान जारी है। अभी सामान्य टीबी के आठ हजार और दो हजार एमडीआर टीबी के रोगी पंजीकृत हैं।
टीबी और डायबिटीज की ताजा स्थिति
एक लाख लोगों में 212 संक्रमित
डायबिटीज की स्थिति
एक लाख लोगों में नौ हजार डायबिटिक और प्री डायबिटिक
गैर संचारी रोग बढ़ने की वजह: डॉ. जेएस कुशवाहा, सीनियर फिजीशियन
- अनियमित और आरामतलबी की दिनचर्या
- व्यायाम और शारीरिक श्रम की कमी
- बिगड़ा खानपान, फास्ट फूड की लत
- तले-भुने खाने से वसा का शरीर में बढ़ जाना
- प्रदूषण की वजह से एलर्जी का बढ़ना
- तंबाकू और शराब का अधिक सेवन
ऐसे होगा बचाव: डॉ. नंदिनी रस्तोगी, डायबिटीज रोग विशेषज्ञ
- - सुबह-शाम टहलें
- योग क्रियाएं और व्यायाम भी करें
- मौसमी फल, ताजा रेशेदार सब्जियां खाएं
- किसी भी प्रकार का नशा न करें
- स्ट्रेस कम करें, सकारात्मक सोच रखें
- अनियमित जीवन न जिएं और फास्ट फूड से बचें