जीएसवीएम मेडिकल कालेज के सीनियर फिजिशियन डॉ. एसके गौतम का कहना है कि कोरोना का जहरीलापन (टॉक्सिटी) शरीर के हर अंग में गया है। कोरोना संक्रमण का प्रभाव फेफड़ों, लिवर, किडनी के अलावा मस्तिष्क पर भी पड़ा है।
पोस्ट कोविड रोगियों को संक्रमण के बाद की जटिलताएं कमजोर कर रही हैं। मौसमी वायरल संक्रमण पर भी प्लेटलेट्स काउंट घट रहा है। कुछ रोगियों का प्लेटलेट्स काउंट 35 हजार तक पहुंच गया। जांच में पता चला कि लिवर खराब होने की वजह से ऐसा हो रहा है।
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विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना ‘टॉक्सिटी’ लिवर में जाने से यह दिक्कत हो रही है। कोरोना की तीन लहरों के गुजरने के बाद भी विशेषज्ञ यह नहीं बता रहे थे कि कोविड संक्रमण का प्रभाव शरीर को किस हद तक प्रभावित करेगा।
दो सौ पोस्ट कोविड रोगियों की सीबीसी, रीनल और लिवर प्रोफाइल जांच के बाद नतीजे चौंकाने वाले आ रहे हैं। जीएसवीएम मेडिकल कालेज के सीनियर फिजिशियन डॉ. एसके गौतम का कहना है कि कोरोना का जहरीलापन (टॉक्सिटी) शरीर के हर अंग में गया है।
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कोरोना संक्रमण का प्रभाव फेफड़ों, लिवर, किडनी के अलावा मस्तिष्क पर भी पड़ा है। डॉ. गौतम कोविड डेथ ऑडिट टीम के प्रभारी भी हैं। मेडिसिन विभाग के सीनियर गैस्ट्रोइंटोलॉजिस्ट डॉ. विनय कुमार का कहना है कि लिवर में खराबी आने पर प्लेटलेट्स कम हो जाती हैं।