मामा ने लिखाई थी भांजी व प्रेमी के खिलाफ रिपोर्ट
शव के पास में तकिया भी पड़ा था। ज्योति और मोईन फरार थे। रामप्रकाश ने चकेरी थाने में भांजी ज्योति व मोईन के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। एडीजीसी शिवभगवान गोस्वामी ने बताया कि मृतका के दोनों भाइयों रामप्रकाश व मनोज साहू समेत सात गवाह कोर्ट में पेश किए। कोर्ट ने दोनों को दोषी मानकर सजा सुनाई।
कोर्ट ने माना... यह शासन को चुनौती देने वाला अपराध
कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि विवाह न करने देने पर बेटी ने प्रेमी संग मिलकर मां की हत्या कर दी। यह एक गंभीर और शासन को चुनौती देने वाला अपराध है। हालांकि एडीजीसी की फांसी की सजा की मांग पर कोर्ट ने कहा कि हत्या के तरीके में क्रूरता नहीं दिखती। इसलिए फांसी की सजा नहीं दी जा सकती।
मां संग जेल में रहेगी डेढ़ साल की बेटी
ज्योति साहू उर्फ माहिरा अली ने कोर्ट में अर्जी देकर कहा कि उसकी डेढ़ साल की बच्ची है, जो मां के बिना नहीं रह सकती। इसलिए उसे भी जेल में रखने की अनुमति दी जाए। इस पर कोर्ट ने जेल अधीक्षक को नियमानुसार बच्ची की देखरेख के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
ज्योति से बनी थी माहिरा अली
बचाव पक्ष की ओर से कोर्ट में मोईन व माहिरा का निकाहनामा दाखिल किया गया था। इस पर कर्नलगंज स्थित मस्जिद मदरसा रहमिया के मौलवी रहे अब्सारउद्दीन ने कोर्ट में गवाही दी थी। उन्होंने कहा था कि 28 अगस्त 2017 को ज्योति ने धर्म परिवर्तन कर मुस्लिम धर्म अपनाया। अपनी मां की मौजूदगी में निकाह किया था।