मई 2019 को गेंदिया की हुई मौत
इस पर वह बेटी को लेकर बांदा इलाज कराने गया, लेकिन वहां इलाज के दौरान मई 2019 को गेंदिया की मौत हो गई। सूचना के बावजूद कोई सुनवाई न होने पर उसने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। न्यायालय ने धारा 156(3) के प्रार्थना पत्र को स्वीकार करते हुए पुलिस को रिपोर्ट दर्ज कर के आदेश दिए।
उम्रकैद और 27,000 रुपये अर्थदंड की सजा
पुलिस विवेचना करने के बाद आरोपियों के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद फास्ट ट्रैक कोर्ट ने निर्णय सुनाया। इसमें आरोपी मां सुशीला और बेटे पप्पू को उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही 27,000 रुपये का अर्थदंड भी ठोका।