साइबर ठगी के शिकार हुए 22 लोगों की रकम उनके खातों में वापस आई है। साइबर सेल और क्राइम ब्रांच की टीम ने मिलकर ये कार्रवाई की। पिछले छह महीने के भीतर कुल 67 लाख 56 हजार रुपये पीड़ितों के खातों में वापस आए।
सबसे अधिक काकादेव निवासी एक कारोबारी की रकम वापस हुई। जिनसे पचास लाख की ठगी हुई थी। जनवरी से जून तक शहर में 400 से अधिक साइबर ठगी की घटनाएं हुईं। डीसीपी क्राइम सलमान ताज पाटिल ने बताया कि जिन 22 लोगों के खातों में पैसे वापस आए हैं, उनसे साइबर ठगों ने ओटीपी पूछकर, डेबिट व क्रेडिट कार्ड से ठगी की थी।
इन सभी पीड़ितों ने 72 घंटे के भीतर संबंधित बैंक, आरबीआई और पुलिस को सूचना दी थी। तय समय के भीतर एफआईआर दर्ज की गई थी। जिसके बाद क्राइम ब्रांच की टीम ने बैंकों और पेमेंट वॉलेट के अफसरों से संपर्क कर ट्रांजेक्शन पर रोक लगवाई। साक्ष्य दिए कि ये अवैध तरीके से रकम निकाली गई है। जिसके आधार पर ये रकम उसी खाते या वॉलेट से वापस खाताधारकों के खातों में आई जिसमें ट्रांसफर हुई थी।