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कानपुर: दमन की कोर्ट में फूट-फूटकर रोई महिला कर्मचारी, क्लोन कंपनी से नकली सॉल्ट मामलें में नौ धाराएं बढ़ाईं

Sun, 04 Jul 2021 04:46 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : social media
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दमन की फार्मा कंपनी को नकली सॉल्ट सप्लाई करने के मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपियों ने दमन की कोर्ट में पूरा ठीकरा मुख्य आरोपी और कंपनी के मालिक अजय गुप्ता पर फोड़ा है। खुद पर लगे आरोपों को नकार दिया। उधर, महिला आरोपी कोर्ट में फूट-फूटकर रोने लगीं। कोर्ट ने आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस की तफ्तीश जारी है।
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मुख्य आरोपी की जल्द गिरफ्तारी हो सकती है। दमन पुलिस ने तीन दिन पहले कृष्णा टॉवर स्थित फार्मा कंपनी के नौ कर्मचारियों को गिरफ्तार किया था। जिसमें पंकज शर्मा, प्रशांत श्रीवास्तव, सत्य प्रकाश, ओमपाल, आकांक्षा, प्राची, करिश्मा, जिशान और तुफैल शामिल थे। दमन पुलिस शनिवार को इन सभी को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर दमन पहुंची।

यहां स्पेशल कोर्ट में सभी को पेश किया। कोर्ट ने आरोपियों से कई सवाल पूछे। जिसमें आरोपियों का कहना था कि वो कंपनी में केवल कर्मचारी हैं। नकली सॉल्ट सप्लाई करने संबंधी कोई भी जानकारी उनको नहीं है। मगर जब कोर्ट ने ये पूछा कि कंपनियों में तुम सभी अधिकारी हो और हस्ताक्षर भी हैं।
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इस पर वो जवाब नहीं दे सके। उनका बस इतना कहना था कि उनको नहीं पता कि मालिक ने किन दस्तावेजों पर उनसे दस्तखत कराए। ये बात बेहद चौंकाने वाली थी। कोर्ट ने उनको न्यायिक हिरासत में भेज दिया। महिला आरोपियों ने कोर्ट में रोते हुए कहा कि वो बेकसूर हैं। वो कंपनी में केवल नौकरी करती थीं। जिसकी उनको तनख्वाह मिलती थी।

क्लोन कंपनी से नकली सॉल्ट किया था सप्लाई, नौ धाराएं बढ़ाईं
मुख्य आरोपी अजय कुमार गुप्ता की यूरो एशिया बायो केमिकल प्रालि. नाम की फार्मा कंपनी है। पुलिस की जांच में पता चला कि अजय ने इसी नाम की क्लोन कंपनी बनाई थी। जिसमें कर्मचारियों को अधिकारी बनाया। इस नाम की कई कंपनियां बनाई गईं थीं। इन्हीं के जरिए नकली सॉल्ट सप्लाई किया गया।

दमन पुलिस के सब इंस्पेक्टर हीरल पटेल ने बताया कि एफआईआर में धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज तैयार उनका इस्तेमाल करने, कीमती वस्तु के लिए फर्जीवाड़ा करने, साजिश रचना, और दफा 34 समेत 9 और गंभीर धाराएं बढ़ाई गई हैं। सूत्रों के मुताबिक अजय के खिलाफ कुछ साक्ष्य जुटाने के बाकी हैं। इसलिए अभी तक उसकी गिरफ्तारी नहीं की गई है। जल्द ही दमन पुलिस सुबूत जुटा कानपुर आ सकती है। तब अजय की गिरफ्तारी होगी। हालांकि अभी अजय फरार चल रहा है।
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