आईजी ने तत्काल अफसरों को निर्देशित किया और आश्वासन दिया था कि जल्द से जल्द मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी। आईजी के निर्देश पर उनके पीआरओ ने ककवन एसओ कौशलेंद्र प्रताप सिंह को फोन कर कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
बाद में आईजी दफ्तर से इस संबंध में एक पत्र भी थाने भेजा गया था। एसओ ने खानापूरी करते हुए करन को गिरफ्तार कर जेल भेजा लेकिन लेखपाल पर उनकी मेहरबानी जारी रही। पीड़िता ने दूसरे जिले की पुलिस से जांच कराने की मांग की थी।
एसओ बोले, कोई निर्देश नहीं थे
ककवन एसओ कौशलेंद्र प्रताप का कहना है मामले में उच्चाधिकारी से कोई निर्देश नहीं दिए गए। वहीं, हकीकत है कि 29 नवंबर को आईजी दफ्तर से उनको फोन कर कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया था। उसके बाद वहां से 2 दिसंबर को पत्र भेजा गया था। जिसमें आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी के निर्देश दिए गए थे। एसओ झूठ बोल रहे हैं।
मामले की जानकारी पर मैंने कार्रवाई के लिए निर्देशित किया था। जिसमें एक गिरफ्तारी की गई थी। जिस भी स्तर से लापरवाही बरती गई होगी उस जिम्मेदार पुलिसकर्मी पर जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। अज्ञात आरोपियों का पता करने का प्रयास जारी है।- प्रशांत कुमार, आईजी रेंज कानपुर