उन्नाव। नवाबगंज नगर पंचायत में बंदर पकड़ने के नाम पर 15 लाख रुपये और ट्री गार्ड निर्माण के नाम पर 21 लाख का गोलमाल हुआ है। मोहान विधायक की शिकायत पर हुई जांच में हसनगंज एसडीएम ने इसकी पुष्टि करते हुए रिपोर्ट एडीएम ( निकाय प्रभारी) को दी है। एडीएम ने अध्यक्ष और ईओ को नोटिस जारी कर एक सप्ताह में जवाब मांगा है।
मोहान विधायक बृजेश रावत ने डीएम को दिए शिकायतीपत्र में कहा था कि नगर पंचायत नवाबगंज में बंदर पकड़ने के नाम पर नगर पंचायत अध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी ने मथुरा जिले की एक फर्म को 15 लाख रुपये का फर्जी भुगतान कर गोलमाल किया है। नगर पंचायत क्षेत्र में कभी बंदर पकड़े ही नहीं गए। बंदरों को पकड़ने का कोई फोटो रिकार्ड में नहीं है। वन विभाग को भी सूचना नहीं दी गई। विधायक ने बने बनाए ट्री गार्ड आपूर्ति के नाम पर 21 लाख रुपये का गोलमाल का आरोप लगाया था। डीएम रवींद्र कुमार ने मामले की जांच एसडीएम हसनगंज प्रदीप वर्मा को दी थी। नगर पंचायत पहुंचकर उन्होंने जांच की तो बंदर पकड़ने में 15 लाख रुपये और ट्री गार्ड आपूर्ति में 21 लाख रुपये की गड़बड़ी मिली। एसडीएम ने अपनी जांच रिपोर्ट एडीएम राकेश कुमार को भेजी है। एडीएम ने बताया कि एसडीएम की जांच में गोलमाल की बात सामने आने पर अध्यक्ष व अधिशासी अधिकारी को नोटिस देकर जवाब मांगा गया है। जवाब आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
नगर पंचायत अध्यक्ष दिलीप लश्करी ने गड़बड़ी की बात को सिरे से नकार दिया। उन्होंने मोहान विधायक पर गलत शिकायत करने का आरोप लगाते हुए कहा कि बदले की भावना से जांच कराई गई है।
विधायक बृजेश रावत ने बताया कि क्षेत्र के लोगों ने उनसे लिखित शिकायत की थी। उसी शिकायती पत्र में कवरिंग लेटर लगाकर डीएम को भेज दिया था। पूरी जानकारी भी नहीं है। वैसे भी सच्चाई जांच में सामने आ ही जाएगी।
पूर्व मंत्री गंगाबक्श सिंह द्वारा नगर पंचायत नवाबगंज में कागजों में विकास कार्य कराने की शिकायत की जांच एसडीएम हसनगंज प्रदीप वर्मा के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम ने मौके पर पहुंचकर की। टीम में शामिल पीडब्ल्यूडी के एई संजय श्रीवास्तव व डीआरडीए के एई आरबीएस भदौरिया ने नवाबगंज के वार्डों में जाकर विकास कार्यों का भौतिक सत्यापन किया। इसके बाद नगर पालिका प्रशासन ने कार्यों और भुगतान से संबंधित अभिलेख मांगे। एई आरबीएस भदौरिया ने बताया कि भौतिक सत्यापन में कार्य मौके पर मिले हैं। हालांकि पुराने कार्य होने के बाद काफी क्षतिग्रस्त हो गए हैं। हालांकि नगर पंचायत प्रशासन से कार्यों से जुड़े अभिलेख मांगे गए हैं। कागजों से मिलान के बाद ही आगे कुछ कहा जा सकेगा।