रूरा। विकास कार्यों में अनियमितता का खेल देखना है तो अंदाया गांव आइए। यहां सेतु निगम की ओर से बनवाए गए पुल के लोकार्पण से पूर्व ही रेलिंग में दरार आ गई है। वहीं लोक निर्माण विभाग की ओर से बनवाया गया संपर्क मार्ग धंस गया है। इससे आसपास के करीब 20 गांवों के 50 हजार लोग जान जोखिम में डाल सफर कर रहे हैं।
अंदाया गांव के पास से निकली रिंद नदी के तटवर्ती गांव अंदाया, इकघरा, बैजूपुरवा, सुमेरपुर, गहलो, फतेहपुर, कुढऱा, गंभीरपुर समेत 20 गांव के लोगों को नदी के एक ओर से दूसरी ओर जाने में करीब दस किमी का चक्कर लगाना पड़ता था।
आवागमन में सहूलियत के लिए तत्कालीन सपा सरकार ने नदी पर पुल निर्माण के लिए 3.23 करोड़ रुपये की मंजूरी दी थी। मई 2016 में पुल बनाने का काम शुरू हुआ था। काम धीमी गति से होने के चलते करीब चार साल बाद वर्ष 2020 में पुल बनकर तैयार हुआ।
इससे रूरा की ओर से शिवली, मैथा व कानपुर जाना आसान हो गया है। हालांकि अभी तक पुल का लोकार्पण नहीं हो सका है। अगस्त व सितंबर में हुई बारिश के बाद ही पुल का संपर्क मार्ग करीब तीन फीट तक धंस गया। वहीं पुल की रेलिंग में कई जगह दरारें आ गई हैं। इससे यहां से निकलने वाले लोगों को हादसे का खतरा बना है।
पुल करीब 90 मीटर लंबा है। सेतु निगम ने पुल का निर्माण कराया है। रेलिंग की दरारों के बारे में जानकारी कराई जाएगी। इसके बाद खामियां दुरुस्त कराई जाएंगी। - सुशील कुमार, जेई सेतु निगम
पुल के संपर्क मार्ग का निर्माण लोक निर्माण विभाग ने कराया है। निरीक्षण कर खामियों को चिह्नित किया जाएगा। धंसी सड़क व गड्ढों की मरम्मत कराई जाएगी। - मुकेश शर्मा, एक्सईएन, लोक निर्माण विभाग खंड एक