सिविल लाइंस स्थित नजूल की जमीन कब्जाने के प्रयास व डकैती के मामले में फरार 50-50 हजार के इनामी दंपती और उनके दोनों बेटों को क्राइम ब्रांच ने शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। दोपहर बाद चारों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। नजूल की जमीन कब्जाने के प्रयास मामले में कोतवाली थाने में दो एफआईआर दर्ज कराई गईं थीं।
इनमें से एक एफआईआर लेखपाल विपिन कुमार ने कराई थी। इसमें अवनीश दीक्षित समेत 13 नामजद व 20 अज्ञात लोग शामिल थे। वहीं दूसरी एफआईआर सैमुएल गुरुदेव सिंह ने डकैती, मारपीट, छेड़छाड़ समेत कई धाराओं में कराई थी। इसमें भी अवनीश समेत 12 नामजद 20 अज्ञात लोग थे। पुलिस मामले में अवनीश और सपा छात्र सभा के महानगर अध्यक्ष राहुल वर्मा, विक्की चार्ल्स, संदीप शुक्ला को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। इसके अलावा फरार आरोपियों पर 50-50 हजार का इनाम घोषित किया जा चुका है।
शनिवार को क्राइम ब्रांच टीम ने कोतवाली क्षेत्र स्थित मैथाडिस्ट चर्च परिसर निवासी नोरिस एरियल, उसकी पत्नी कमला एरियल, बेटे अभिषेक उर्फ सोनू एरियल और अर्पण एरियल को कोतवाली क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। डीसीपी ईस्ट श्रवण कुमार सिंह ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तार करने वाली टीम में स्वॉट टीम प्रभारी जर्नादन सिंह यादव, दरोगा प्रदीप सिंह, राहुल कुमार, मनजीत सिंह के अलावा 12 हेड कांस्टेबल व कांस्टेबल शामिल रहे।
हरेंद्र मसीह के बुलाने पर पहुंचे थे जमीन कब्जाने
पुलिस सूत्रों के मुताबिक पूछताछ में नोरिस एरियल ने बताया कि वह हरेंद्र मसीह के बुलाने पर जमीन कब्जाने के लिए परिवार के साथ पहुंचा था। हरेंद्र ने उसे पैसों का लालच दिया था। नोरिस और उसके परिजनों ने कहा कि हरेंद्र के कहने पर ही वे लोग मारपीट और लूटपाट की घटना में शामिल हुए थे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक आरोपियों ने इस खेल में हरेंद्र मसीह के साथ ही अवनीश दीक्षित को मास्टर माइंड बताया है।