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यूपी: देश की पहली रोबोटिक, एआर, वीआर लैब कानपुर में खुली, जून से शुरू करने की तैयारी

Sun, 29 May 2022 11:29 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

रोबोटिक लैब को जून प्रथम सप्ताह से शुरू करने की तैयारी है। इसमें कक्षा आठ से 12 के छात्रों को प्रवेश मिलेगा। स्कूल समाप्त होने के बाद इसकी कक्षाएं होंगी। इसमें बाहरी छात्र भी हिस्सा ले सकते हैं।
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रोबोटिक लैब - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बचपन की कहानियों को अब केवल सुनाने ही नहीं बल्कि उनके किरदारों से रूबरू करवाने, कोडिंग, प्रोग्रामिंग की दुनिया में स्कूली छात्रों की रुचि बढ़ाने और साइंस के प्रति प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से सर पदमपत सिंहानिया एजूकेशन सेंटर में श्री गोविंद हरि सिंहानिया सेंटर फॉर एडवांस्ड लर्निंग सेंटर का उद्घाटन हुआ। शुरुआत में यहां रोबोटिक्स लैब, एआर, वीआर, एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग लैब चलेगी।
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विद्यालय का दावा है कि ऐसा सेंटर स्थापित करने वाला देश का पहला स्कूल है। इसमें बाहरी छात्र भी शामिल हो सकते हैं। विद्यालय के 40वें स्थापना दिवस पर स्थापित लैब में आईआईटी की साइंस और टेक्नोलॉजी स्टूडेंट काउंसिल जिमखाना, रोबोटिक्स क्लब, एआर, वीआर लैब और जर्मनी की एडिटिव माइंड एकेडमी सहयोग करेगी।

रविवार को शुभारंभ समारोह में मुख्य अतिथि आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रो. अभय करंदीकर, डीन ऑफ स्टूडेंट अफेयर्स सिद्धार्थ पांडा, चेयरपर्सन मनोरमा गोविंद हरि सिंहानिया, वाइस चेयरमैन और निदेशक पार्थो पी कर, प्रिंसिपल भावना गुप्ता मौजूद रहीं। इस मौके पर प्रो. अभय करंदीकर ने कहा कि यह लैब अपने आप में अनूठी है और निश्चित ही छात्रों को इससे लाभ होगा।
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जून में शुरू होगी लैब
रोबोटिक लैब को जून प्रथम सप्ताह से शुरू करने की तैयारी है। इसमें कक्षा आठ से 12 के छात्रों को प्रवेश मिलेगा। स्कूल समाप्त होने के बाद इसकी कक्षाएं होंगी। इसमें बाहरी छात्र भी हिस्सा ले सकते हैं। इसकी मासिक फीस 2000 रुपये है। वहीं, थ्रीडी एआर, वीआर लैब में कक्षा एक से 12 तक के छात्र शामिल हो सकते हैं। इसकी फीस तय होना बाकी है।

यह होता है एआर और वीआर
एआर (ऑग्मेंटेड रिएलिटी) में किताब के किसी भी विषय को अपने सामने लाइव देख सकते हैं। उदाहरण के तौर पर अगर आपको शेर के बारे में जानना है तो किताब में शेर की पिक्चर को क्लिक करें। इसके बाद मोबाइल में शेर की वही पिक्चर कुछ स्पेशल इफेक्ट के साथ सामने आ जाएगी। शेर की पूछ हिलना देखने के साथ ही उसकी दहाड़ भी सुन सकते हैं। लैब में मौजूद स्पेशल मोबाइल और साफ्टवेयर की मदद से ऐसा होगा। वहीं, वीआर (वर्चुअल रिएलिटी) इस्तेमाल करने वाला छात्र आभासी दुनिया में प्रवेश करता है। उदाहरण के तौर पर ताजमहल के बारे में जानकारी देने के लिए वीआर तकनीक आपको आभासी दुनिया में ले जाएगी। यहां आप ताजमहल को जूम करके देख सकते हैं।
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