क्रिप्टो करेंसी को है कानूनी मान्यता
बहुत से लोग क्रिप्टो करेंसी को गैर कानूनी मानते हैं। करीब दो वर्ष पूर्व रिजर्व बैंक ने भी इस आभासी मुद्रा के भारत में प्रचलन पर रोक लगा दी थी। रिजर्व बैंक की इस पाबंदी को बहुत से लोगों ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। इस पर बीती चार मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने यह पाबंदी खत्म कर दी। यानी क्रिप्टो करेंसी को अब भारत में भी कानूनी मान्यता हासिल हो चुकी है।
घबराहट में गिर रहीं कीमतें
क्रिप्टो करेंसी के एक निवेशक ने बताया कि बाजार में इस समय भय का माहौल है। लोग समझ नहीं पा रहे कि इस मुद्रा में निवेश रखना है या नहीं। इसी वजह से थोड़ी सी गिरावट के बाद इसे बेचने वालों की संख्या बढ़ गई है। यही वजह है कि लोग क्रिप्टो करेंसी बेचकर अपना पैसा सुरक्षित करना चाह रहे हैं। बाजार में इस तरह की चर्चाएं हैं कि क्रिप्टो करेंसी में 6 महीने तक गिरावट का माहौल बना रह सकता है। हालात सुधरने में वक्त लगने की आशंका में क्रिप्टो करेंसी खरीदने वालों की अपेक्षा बेचने वाले ज्यादा हैं।
मैंने बीते दो वर्षों में क्रिप्टो करेंसी में करीब दो लाख रुपये का निवेश किया है। बीते 15 दिनों में बिटक्वाइन समेत अन्य तरह की क्रिप्टो करेंसी की कीमत में कमी हो रही है। अब तक 50 हजार रुपये की वैल्यू कम हो गई है। समझ में नहीं आ रहा कि इन्हें इसी कीमत पर बेच दें या रखे रहें। - अनुजा पांडेय, प्रोफेशनल
बिटक्वाइन की कीमत लगातार गिर रही है। मुझे बीते एक हफ्ते में दो लाख रुपये तक का नुकसान हो चुका है। चूंकि बाजार में अस्थिरता का दौर है। बिटक्वाइन की गिरती कीमत की वजह से अधिकतर लोग बेचने पर आमादा हैं। कच्चे तेल की कीमत में बढ़ोत्तरी के साथ ही क्रिप्टो करेंसी की कीमतें फिर से बढ़ेंगी। - शशांक अग्रवाल, कारोबारी