कोरोना वैक्सीन कोवाक्सिन के नेजल स्प्रे के ट्रायल में व्यक्ति की नाक में आठ बूंद डाली जाएंगी। इसके बाद एंटीबॉडीज टेस्ट के लिए खून के सैंपल के साथ लार का सैंपल भी लिया जाएगा। कोरोना एंटी बॉडीज टेस्ट के लिए लार का सैंपल पहली बार लिया जा रहा है।
ट्रायल में 18 से 65 साल आयु के वॉलंटियर शामिल होंगे। नेजल स्प्रे वैक्सीन ट्रायल के चीफ इन्वेस्टीगेटर प्रोफेसर जेएस कुशवाहा ने बताया कि ट्रायल में पहले नाक के दोनों छेद में दो-दो बूंद वैक्सीन डाली जाएगी। इसके बाद व्यक्ति को पांच मिनट लिटाया जाएगा। फिर नाक के दोनों छेदों में दो-दो बूंद वैक्सीन डालेंगे।
इस तरह कुल आठ बूंद डाली जाएंगी। दूसरी डोज के लिए वॉलंटियर को 28 दिन बाद बुलाया जाएगा। वैक्सीन की डोज पहले की तरह ही रहेगी। डोज देने के पहले वॉलंटियर के खून और लार का सैंपल लिया जाएगा। इसके बाद सैंपल लेने के लिए वॉलिंटियर 56 दिन और फिर 90 दिन बाद बुलाए जाएंगे।