फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सूख रही मंदाकिनी नदी: गहरा रहा है जलसंकट, शासन से सरंक्षण के पर्याप्त उपायों की मांग 

Thu, 21 Apr 2022 12:33 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट

सार

राम वनवास और धार्मिक आस्था से जुड़ी प्राचीन नदी मंदाकिनी सूख रही है। इसको बचाने के प्रयास नहीं हुए तो, क्षेत्र में जल संकट और गहरा जाएगा। समाज सेवा से जुड़े लोगों ने शासन से नदी के सरंक्षण के लिए पर्याप्त उपाय करने की मांग की है। 
विज्ञापन
पहाड़ी के पास सिकुड़ती मंदाकिनी नदी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

चित्रकूट की मंदाकिनी नदी के अस्तित्व पर संकट है। विंध्याचल पहाड़ों से निकली यह नदी तेजी से सूख रही है। मंदाकिनी के धार्मिक महत्व का देखकर यहां श्रद्धालु दूर-दूर से स्नान करने के लिए आते हैं, लेकिन वर्तमान में इसकी प्राकृतिक जलधारा टूट चुकी है।

विज्ञापन

धर्मनगरी से निकली मंदाकिनी नदी लगभग 30 किलोमीटर का सफर तय कर राजापुर तक जाती है। भीषण गर्मी और संरक्षण के पर्याप्त उपाय ना हो पाने के कारण मंदाकिनी पहाड़ी क्षेत्र में लगभग सूखने की कगार पर है। राजापुर क्षेत्र के पास तो कई स्थानों पर यह पूरी तरह से सूख चुकी है।
मंदाकिनी नदी को बचाने के लिए जल यात्रा करने वाले समाजसेवी अभिमन्यु सिंह ने बताया कि चोरा नेहरा लोहदा,  बरेठी, पनौती, चिनहट,  सगवारा,, सरधुआ, कोटा आदि के पास से यह नदी कभी गुलजार रहती थी, जिससे आस-पास के गांव में जल संकट नहीं हुआ। इधर 8-10 सालों से नदी संरक्षण के बेहतर उपाय ना हो पाने के कारण इन गांवों में पेयजल संकट भी हो रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

उन्होंने आगे बताया कि पेयजल संकट होने का कारण इन गांव के हैंडपंपों का भी खराब होना है। जल स्तर नीचे चल आ जाने से हैंडपंप जवाब दे गए हैं। तालाबों में नाम मात्र का पानी बचा है, जिससे जानवरों को भी पीने के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने शासन से मंदाकिनी नदी के संरक्षण और इससे जुड़े आस-पास के गांव में जल संकट से निजात दिलाने की मांग की है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें