कलक्ट्रेट सभागार में युवा उद्यमी विकास योजना की समीक्षा करते डीएम आलोक सिंह।
- फोटो : संवाद
कानपुर देहात। कलक्ट्रेट सभागार में सोमवार को मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना की समीक्षा हुई। संतोषजनक प्रगति नहीं होने पर डीएम ने नाराजगी जताई। लंबित आवेदनों पर आवश्यक कार्रवाई कर ऋण स्वीकृत करने के निर्देश दिए।
डीएम आलोक सिंह ने योजना से जुड़े अधिकारियों व बैंकर्स के साथ समीक्षा की। बैंकों की ओर से अपेक्षित प्रगति न किए जाने पर डीएम ने नाराजगी जताई। समीक्षा में सामने आया कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, सेंट्रल बैंक, केनरा बैंक, इंडियन बैंक, ग्रामीण बैंक, यूको बैंक, एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक, आईसीआईसी लक्ष्य के अनुसार ऋण स्वीकृति और वितरण में लापरवाही कर रहे हैं। एलडीएम राकेश कुमार ने अवगत कराया कि मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना में पांच लाख रुपये का ब्याज मुक्त ऋण चार साल के लिए उपलब्ध कराया जाता है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में 2200 उद्यमियों को ऋण देने का लक्ष्य है। अब तक 1196 आवेदन बैंकों को मिले हैं। इसमें से 351 आवेदन स्वीकृत हुए हैं। 338 आवेदकों को ऋण वितरित किया गया है। डीएम ने बैंक अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक लंबित प्रकरण की समीक्षा कर समयबद्ध निस्तारण करें। पात्र युवाओं को समय से ऋण उपलब्ध हो इसकी प्रक्रिया सरल और पारदर्शी रहे। उन्होंने कहा कि जिन बैंक शाखा से एक भी आवेदन पर कार्रवाई नहीं की है, उन्हें चिह्नित कर दोबारा बैठक की जाए। यहां उपायुक्त उद्योग मोहम्मद सऊद व बैंकों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।