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अलविदा 2022: कानपुर पुलिस के लिए चुनौती भरा रहा साल, हिंसा का लगा दाग, खाकी भी हुई शर्मसार

Fri, 30 Dec 2022 09:13 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

साल 2022 कानपुर पुलिस के लिए चुनौतियों भरा रहा। पुलिस ने रोनिल व मधु कपूर हत्याकांड जैसे पेचीदा केस सुलझाए वहीं कई अनसुलझे केस अभी भी बाकी हैं।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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साल 2022 पुलिस के लिए चुनौतियों भरा रहा। कई बड़ी घटनाएं हुईं। कुछ घटनाएं सुलझाने में पुलिस के पसीने छूट गए तो कई ऐसी वारदात हुईं जिनका खुलासा अब तक नहीं हुआ। तीन जून को हुई हिंसा से कमिश्नरी पुलिस पर दाग लगा। कई घटनाओं में पुलिसकर्मियों की संलिप्तता रही। वह जेल तक गए। तमाम निलंबित व लाइन हाजिर किए गए। बीते एक साल के पुलिस की कुछ चुनौतियां व कार्यशैली पर एक नजर..।

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नई सड़क हिंसा ने पुलिस पर लगाया दाग
तीन जून 2022 को कानपुर देहात व शहर में बड़ा आयोजन था। राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, सीएम व राज्यपाल ने इसमें शिरकत की थी। इसी दौरान जुमे की नमाज के बाद नई सड़क के चंद्रेश्वर हाता पर भीड़ ने हमला कर दिया था। आठ लोग हिंसा में घायल हुए थे। करीब एक महीने तक इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई थी। ये बवाल भाजपा की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा के विवादित बयान के विरोध में हुआ था। इस घटना के बाद प्रदेश के कई जिलों में हिंसा भड़की थी। इससे शहर पुलिस की बड़ी भद्द पिटी थी।

कब-कब शर्मसार हुई खाकी
- सब इंस्पेक्टर भुवनेश्वरी देवी ने एक बिचौलिये के जरिये कुछ लड़कों को जाल में फंसाकर वसूली की थी। पुलिस की एक टीम ने रंगेहाथ उनको पकड़ा था। वह और एक होमगार्ड जेल भेजा गया था।
- गोविंदनगर में सिपाही मुकेश श्रीवास्तव व अमित कुमार ने वसूली के लिए परचून दुकानदार का अपहरण किया और रंगादारी मांगी थी। इसमें दोनों सिपाही जेल भेजे गए। पुलिस कमिश्नर ने इनको बर्खास्त किया।
- अपराधियों से सांठगांठ, सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणियां व वसूली में क्राइम ब्रांच व कई अलग-अलग थानों के एक दर्जन से अधिक पुलिसकर्मी निलंबित/लाइन हाजिर किए गए। पीआरवी की वसूली करते वीडियो वायरल हुए।
- बिधनू में तीन दरोगा दो किशोरों को उठा ले गए थे। उनको प्रताड़ित किया था। तीनों दरोगा निलंबित किए गए थे।
- हेड कांस्टेबल अमित चौधरी पर एटीएम हैकिंग के मामले में केस दर्ज किया गया था। पिछले आठ महीने से वह फरार चल रहा है।
- पुलिस कमिश्नर का पीआरओ अपराधी बलराम राजपूत की कथित पत्नी की बुलेट से चलते थे। जिसमें अपने नाम पर करवा लिया था। वह लाइन हाजिर किए गए थे। तबादला गोरखपुर किया गया था।

फंसे केस सुलझाए, सलाखों के पीछे पहुंचे आरोपी
- 14 फरवरी की रात स्वरूपनगर स्थित कॉनकॉर्ड अपार्टमेंट में ज्योतिषाचार्या मधु कपूर की लूटपाट के बाद हत्या कर दी गई थी। चुनौतीपूर्ण घटना का पुलिस ने सात महीने के बाद खुलासा कर आरोपियों जेल भेजा था।
- 31 अक्तूबर को श्यामनगर में छात्र रोनिल सरकार की हत्या कर दी गई थी। करीब डेढ़ माह तक तहकीकात करने के बाद पुलिस ने साइबर एक्सपर्ट की मदद से वारदात का खुलासा कर हत्यारोपी को पकड़ा था।
- न्यू आजादनगर पुलिस चौकी से दरोगा की सर्विस पिस्टल व दस कारतूस चोरी हो गए थे। ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर व क्राइम ब्रांच की टीम ने वारदात का खुलासा कर मुठभेड़ में आरोपियों को गिरफ्तार किया था।

अनसुलझे केस आज भी बने हैं मुसीबत
- बर्रा के आंबेडकरनगर में महिला अंशु कुशवाहा की गला रेतकर हत्या।
- बाबुपुरवा थाने से 50 मीटर दूर ट्रांसपोर्ट कंपनी में मुंशी मिर्जापुर निवासी लवकुश यादव की हत्या कर डेढ़ लाख रुपये की लूट
- अर्रा निवासी ब्यूटी पार्लर संचालिका लक्ष्मी देवी की लूटपाट के बाद हत्या।
- बिधनू केकोरिया चौकी क्षेत्र में  40 वर्षीय युक की गला रेतकर हत्या।
- बिधनू में 40 वर्षीय महिला की गोली मारकर हत्या।
- बिधनू में बुजुर्ग किराना व्यापारी कुबेर की हत्या कर शव डीप फ्रीजर में बंद कर दिया गया था। आज तक खुलासा नहीं हो सका।
- सचेंडी में एसबीआई बैंक में सुरंग बनाकर चोर करीब दो किलो सोना पार कर ले गए। खुलासे से दूर पुलिस।
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सराहनीय कार्य
- शिवराजपुर में चलती स्कूल वैन में आग लग गई थी। तभी थाने में तैनात दरोगा ओम प्रकाश व अजीत यादव ने वैन का पीछा कर रुकवाया था। सभी बच्चों को सुरक्षित निकालकर उनकी जान बचाई थी।

यातायात सुधार के खूब प्लान बनें पर अमल न हुआ 
- स्कूलों के बाहर छुट्टी के वक्त ट्रैफिक पुलिस के साथ स्थानीय थाना पुलिस की तैनाती। कुछ दिन पुलिस तैनात रही फिर हो गई गायब।
- भौंती फ्लाईओवर पर नौबस्ता के पास एनएचएआई की क्रेन हर वक्त खड़ी करने की योजना अधर में ही रही।
- संबंधित विभागों की समन्वय बनाकर सिटी ट्रांसपोर्ट पॉलिसी को और सशक्त बना ट्रैफिक सिग्नल से लेकर रोड व्यवस्था को पुख्ता करने की योजना।
- शहर में तैनात सभी 65 टीएसआई को अपने-अपने क्षेत्र में पार्क़िं ग के लिए मुफीद जगह तलाशने की जिम्मेदारी दी गई थी जो नहीं निभाई।
- शहर में जरीब चौकी से टाटमिल तक ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया था। वह ध्वस्त हो गया। योजना आगे भी नहीं बढ़ी।
- शहर में विजयनगर, बड़ा चौराहा, नरौरा समेत सात चौराहे जाम ने निजात के लिए बनाया गया स्मार्ट चौराहा ध्वस्त।

साल की सबसे बड़ी कार्रवाई
इस साल सबसे बड़ी कार्रवाई सपा विधायक इरफान सोलंकी व उसके भाई रिजवान पर हुई है। आठ नवंबर को नजीर फातिमा ने दोनों पर आगजनी व रंगदारी का केस दर्ज कराया था। इस केस में जब दोनों वांछित थे तब इरफान ने पहचान बदलकर हवाई सफर किया था। जिसके बाद एक के बाद एक केस दर्ज होते गए। डेढ़ महीने में आठ केस विधायक पर दर्ज किए गए। सभी गंभीर मामले हैं। विधायक व रिजवान दोनों सरेंडर कर पहले कानपुर जेल गए। उसके बाद वहां से वह महाराजगंज जेल शिफ्ट किए गए। गैंगस्टर की कार्रवाई हो चुकी है। अभी और शिकंजा कस सकता है। 
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