पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर पुलिस ने जांच की, जिसके बाद हर्ष पर धोखाधड़ी, जालसाजी समेत अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। हर्ष पुलिस की गिरफ्त से दूर है। सीपी ने बताया कि आरोपी की तलाश में क्राइम ब्रांच को भी लगाया गया है। जल्द उसकी गिरफ्तारी की जाएगी।
इसलिए फ्रॉड करने की आशंका
जो तथ्य जांच में सामने आया कि हर्ष ने फेक आईडी पर लिए गए मोबाइल नंबरों को खातों से अटैच किया था। एटीएम भी उसी के पास थे। उसने लोगों को अपने जाल में फंसाया और रकम इन्हीं खातों में ट्रांसफर की। एक-एक खाते में दस-दस लाख या इससे अधिक की भी रकम जमा कर निकाली गई। इसलिए बैंकों ने इन खातों को संदिग्ध माना और खाताधारकों से संपर्क किया।
परिचितों से पूछताछ, सभी नंबर बंद
हर्ष के सभी मोबाइल नंबर बंद हैं। जांच में सामने आया कि वह काफी समय से शहर से बाहर है। बहुत कम शहर आता था। अब उसके सभी मोबाइल नंबर बंद हैं। पुलिस ने उसके परिजनों व परिचितों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। उधर, क्राइम ब्रांच ने बैंक से इन खातों का विवरण मांगा है।