राकेश, सनी व कौशल भाग निकले, लेकिन सौरभ के रॉड फेंककर मार दी। इससे वह गिर गया और आरोपियों के हत्थे चढ़ गया। पिता-पुत्र ने बेहरमी से उसकी हत्या कर दी। उदन वारदात को अंजाम देने के बाद घर पर ही था। बेटा सोनू फरार है। जब पुलिस ने दबिश, तो उदन बाहर आया। कहा कि उस पर जो आरोप लगाए गए हैं, फर्जी हैं।
‘राकेश को ले आओ, सौरभ को ले जाओ’
मंगलवार रात को राकेश, सनी व कौशल ने पूरी घटना सौरभ के परिजनों से बताई थी। इसके बाद परिजन बुधवार सुबह उदन के घर पहुंचे थे। एसीपी के मुताबिक उदन ने कहा कि सौरभ उसके पास है। राकेश को उनके हवाले कर दो और सौरभ को ले जाओ।
हालांकि वे लोग सौरभ की हत्या कर चुके थे। दो-तीन घंटे तक इसी तरह की बातचीत होती रही। इसके बाद परिजनों ने पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने बताया कि आरोपी करे थाने लाकर पूछताछ की गई, तो भी कई घंटे तक जुबान नहीं खोली। सख्ती के बाद उसने वारदात कबूली। अब पुलिस फरार सोनू की तलाश कर रही है।
बेटे को बचाने में जुटा आरोपी
पुलिस के मुताबिक वारदात में उदन, उसका बेटा सोनू व एक अन्य शख्स शामिल है। हालांकि उदन का कहना है कि सौरभ को उसने अकेले ही मारा है। हालांकि जिस तरह हत्या कर शव को ठिकाने लगाया गया, वह अकेले संभव नहीं है। चश्मदीदों ने भी उसके बेटे को देखा है।