उसने बताया कि सुमित 19 सितंबर को उससे घर में मिलने आया था। इसी दौरान पिता ईद मोहम्मद, मां अनीशा, भाई इरशाद, भाभी रूबीना ने सुमित को पकड़ लिया था। उसकी घर में ही गला दबाकर हत्या कर दी और उसके शव को बोरे में बंद करके खेत में फेंका था। निशा के परिजनों ने बताया कि वह सुमित को कई बार समझा चुके थे।
इसके बाद भी वह बेटी से मिलना बंद नहीं कर रहा था। एसपी अशोक कुमार मीणा ने पुलिस लाइन सभागार में पूरे मामले की जानकारी देते हुए खुलासा किया। उन्होंने बताया कि प्रेमिका निशा के घर से मेडिकल स्टोर कर्मी की चप्पल व शव को खेत तक फेंकने के लिए इस्तेमाल की गई बाइक बरामद कर ली।
सड़क किनारे पड़े बोरे से सड़ांध आने पर हुआ खुलासा
बता दें कि सुमित को युवक की हत्या कर शव सड़क किनारे खेत में बोरे में बंद कर फेंक दिया गया था। गांव जौंरा से पुरौरी जाने वाले मार्ग पर जौंरा निवासी प्रेमनारायन दीक्षित के खेत में हल्दी की फसल में एक बोरा लोगों ने पड़ा देखा। उससे बदबू आ रही थी। इससे वहां भीड़ लग गई।
बोरे में सिर नजर आने पर लोगों ने शव होने का अनुमान लगाया। सूचना पर सीओ सोहराब आलम फोर्स के साथ वहां पहुंचे। पुलिस ने बोरा खुलवाया, तो उसमें एक सफेद बोरी के अंदर करीब 35 से 40 वर्ष तक के युवक का शव था। शव पर कीड़े रेंग रहे थे। उसके दोनों पैर रस्सी से बंधे थे।