अमेरिकी नागरिकों से करोड़ों की ठगी करने वाले मास्टरमाइंड जसराज सिंह ने क्रिप्टो करेंसी में करोड़ों रुपये निवेश किए हैं। क्राइम ब्रांच को इस संबंध में कई अहम साक्ष्य व दस्तावेज मिले हैं। उधर क्राइम ब्रांच ने जसराज के भारत की बैंकों के सभी 22 खाते सीज करवा दिए हैं।
क्रिप्टो करेंसी में कहां-कहां निवेश किया गया इसका पता साइबर एक्सपर्ट लगा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक स्विस बैंक में खाता न खुल पाने की वजह से जसराज ने नया रास्ता खोजा और तब क्रिप्टो करेंसी में निवेश किया। कितने करोड़ रुपये इसमें लगाए हैं, ये अभी तक पता नहीं चल सका है।
क्राइम ब्रांच की आगे की तफ्तीश में इसका खुलासा होने की उम्मीद है। कई तरह से इसमें रकम खपाई गई है। ये भी जानकारी मिली है कि महिला मित्रों के नाम से भी क्रिप्टो करेंसी में निवेश कराया है। जिसका एक्सेस जसराज के पास रहता था।
जर्मन बैंक में भी जसराज का खाता
क्राइम ब्रांच की तफ्तीश में सामने आया कि दिल्ली स्थित एक जर्मन बैंक में भी जसराज का एक खाता है। इस खाते को भी पुलिस ने सीज करवा दिया है। क्राइम ब्रांच ने सभी बैंकों से दो तीन वर्षों का विवरण मांगा है।
ये है पूरा मामला
14 जुलाई को क्राइम ब्रांच ने काकादेव में एक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ कर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इन आरोपियों ने यहां से बैठकर अमेरिका के 12 हजार से अधिक लोगों के सिस्टम में वायरस भेज डाटा हैक किया था। डाटा रिलीज करने के एवज में तकरीबन नौ करोड़ रुपये वसूले। तीन दिन पहले ठगी के नेटवर्क के मास्टरमाइंड जसराज सिंह को क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया था। जो पेशे से फैशन डिजाइनर है। अब क्राइम ब्रांच की जांच में ठगी की एक एक परतें खुल रही हैं।