आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने करोड़ों की ठगी के मामले में शाइन सिटी इंफ्रा प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक के भाई आसिफ नसीम की गिरफ्तारी के बाद 300 बैंक खातों का ब्योरा खंगालना शुरू कर दिया है।
टीम आसिफ के सहारे उसके सहयोगियों तक पहुंचने के प्रयास में है। प्रयागराज के करेली के जीटीबी नगर निवासी राशिद नसीम व उसके भाई आसिफ नसीम ने वर्ष 2013 में लखनऊ में शाइन सिटी इंफ्रा प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड नाम से कंपनी बनाई थी।
देशभर के कई लोगों को आशियाना देने का ख्वाब दिखाकर करोड़ों रुपये जमा कराए थे। इसके बाद राशिद दुबई भाग गया था। इसके बाद निवेशकों ने निदेशक और अधिकारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करानी शुरू की। मामले की जांच ईओडब्ल्यू कर रही है।
सूत्रों के अनुसार टीम को अब तक करीब 300 खातों का पता चला है। इसमें 285 खाते उन निवेशकों के हैं, जिन्होंने प्रयागराज सिविल लाइंस थाने में शिकायतें की थीं। साथ ही 15 खाते आरोपियों के हैं। टीम अब तक 500 करोड़ की संपत्तियां चिह्नित कर चुकी है।
ईओडब्ल्यू के अधिकारियों ने बताया कि आरोपी कंपनी मालिक आसिफ नसीम के पकड़े जाने के बाद अब उसके सहयोगियों की छानबीन की जा रही है। आसिफ के साथ ही मुख्य आरोपी राशिद व अन्य सहयोगियों की संपत्तियां कई शहरों में हैं।
पांच हजार एफआईआर, 47 गिरफ्तार, 82 लोगों की कुर्की
कंपनी के निदेशक और उसके भाई के खिलाफ देशभर में पांच हजार से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। सबसे ज्यादा एफआईआर लखनऊ में हुईं। पुलिस ने मामले में राशिद की पत्नी समेत करीब 47 लोगों को गिरफ्तार किया है। 82 आरोपियों के खिलाफ कुर्की के आदेश हो चुके हैं।