कानपुर देहात। गणेश चतुर्थी और हरतालिका तीज इस बार 14 सितंबर को एक ही दिन पड़ रहा है। एक ओर कलाकार गणेश प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। वहीं, पूजा सामग्री और सजावटी सामान की दुकानें भी सजने लगी हैं।
हरितालिका तीज को लेकर साड़ी, चूड़ी, बिंदी, मेहंदी, सिंदूर और अन्य शृंगार सामग्री की खरीदारी शुरू हो गई है। त्योहार नजदीक आने के साथ बाजार में ग्राहकों की आवाजाही बढ़ने की उम्मीद है। अकबरपुर में राजकीय डिग्री कॉलेज के पास गणेश चतुर्थी के लिए कलाकार रिंकी व अंकेश प्रतिमाएं तैयार कर रहे हैं। उनके यहां गणेश की छोटी मूर्ति के अलावा एक फीट से पांच फीट तक मूर्ति तैयार की जा रही है।
मूर्तिकार सर्वेश कुमार ने बताया कि इस बार प्रतिमाओं के 28 ऑर्डर मिले हैं। हालांकि महंगाई के कारण प्रतिमा बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की लागत बढ़ गई है। इसके बावजूद त्योहार को लेकर मांग बनी हुई है। प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने के साथ रंग-रोगन का काम भी तेजी से किया जा रहा है। कहा कि इसमें छोटी मूर्ति 500 रुपये की है। जबकि एक फीट की मूर्ति की कीमत 1200 रुपये, 1.5 फीट की 2100 रुपये, दो फीट की 2400 रुपये और पांच फीट की मूर्ति की कीमत 5500 रुपये है। कहा कि अब प्लास्टर ऑफ पेरिस की बनी हुई मूर्ति की मांग लगभग खत्म हो चुकी है। इसलिए सभी मूर्ति मिट्टी से तैयार की जा रही है, जो विसर्जन के बाद पानी में आसानी से घुल जाती है।
......................
दुकानदारों ने मंगाई नए डिजाइन की साड़ियां
हरतालिका तीज के लिए कपड़ा और शृंगार की दुकानदारों ने भी तैयारी कर ली है। महिलाएं साड़ी, चूड़ी, बिंदी, मेहंदी और सिंदूर समेत सुहाग सामग्री की खरीदारी कर रही हैं। दुकानदारों ने त्योहार को देखते हुए नई डिजाइन की साड़ियां और शृंगार सामग्री मंगाई है। कारोबारियों को उम्मीद है कि तीज नजदीक आने पर बिक्री में तेजी आएगी। स्टेट बैंक रोड स्थित कपड़ा कारोबारी अनुभव मिश्रा बताते हैं कि इस बार गणेश चतुर्थी और हरतालिका तीज एक ही दिन पड़ने से बाजार में अलग-अलग कारोबार को फायदा मिलने की उम्मीद है। गणेश प्रतिमा और पूजन सामग्री के साथ सजावटी सामान की बिक्री बढ़ सकती है। इसके अलावा महिलाएं साड़ी और अन्य परिधानों की खरीदारी करने के लिए पहुंच रही हैं। (संवाद)