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जिंदा फूंका: घर में घुसे ही थे राजेंद्र और एक मिनट बाद ही उठने लगीं लपटें, पढ़िए कैसे हुई पूरी वारदात

Fri, 22 Jul 2022 12:41 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

ठेकेदार को जिंदा फूंकने के मामले में पुलिस को बिल्डर के घर के पड़ोस में स्थित अपार्टमेंट में लगे एक सीसीटीवी कैमरे के फुटेज मिले हैं। इसमें खुलासा हुआ है कि राजेंद्र एक बैग लेकर बिल्डर के घर दाखिल हुए थे और एक मिनट बाद ही आग की लपटें उठने लगीं थीं। 
 
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builder burnt alive contractor - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कानपुर में ठेकेदार राजेंद्र पाल को जिंदा जलाने के मामले में पुलिस को जांच के दौरान एक अहम सीसीटीवी फुटेज मिला है। इसमें राजेंद्र आरोपी बिल्डर के घर के भीतर जाते दिख रहे हैं। उनके हाथों में एक बैग है। घर के बाहर उनका एक परिचित शख्स भी खड़ा दिख रहा है। भीतर घुसने के एक मिनट के भीतर आग की लपटें दिखने लगीं। पुलिस ने फुटेज को जांच में शामिल कर लिया है। 

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वारदात आरोपी बिल्डर शैलेंद्र के घर के भीतर आंगन में हुई थी। शैलेंद्र के घर के भीतर या बाहर कोई भी कैमरा नहीं लगा है। डीसीपी पूर्वी प्रमोद कुमार ने बताया कि आसपास जब तलाश की गई तो शैलेंद्र के घर के पास बने एक अपार्टमेंट में सीसीटीवी कैमरा मिला। जिसके फुटेज जुटाए। फुटेज देखा तो उसमें राजेंद्र कुर्ता पायजामा पहने जाते दिखाई दिए। 

उनके पीछे अधेड़ उम्र का एक शख्स भी नजर आया। शैलेंद्र के घर के दरवाजे पर जब वह पहुंचते हैं तो वह शख्स राजेंद्र को एक बैग देता है। उसके बाद राजेंद्र 12:08 बजे शैलेंद्र के घर में दाखिल हो जाते हैं। 12:09 मिनट पर वहां से लपट उठते दिखाईं दीं। यानी एक मिनट के भीतर वारदात को अंजाम दिया गया। राजेंद्र के साथ वहां कौन गया था पुलिस उसके बारे में जानकारी जुटा रही है। 

क्राइम सीन दोहराया, साक्ष्य जुटाए
चकेरी इंस्पेक्टर केस के विवेचक हैं। वह गुरुवार को टीम के साथ घटनास्थल पहुंचे। जहां पर क्राइम सीन दोहराया। साक्ष्य भी जुटाए। आसपास के लोगों से भी पूछताछ की। शैलेंद्र के परिवार वालों से भी पूछताछ की। 
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पुलिस की लापरवाही पर आक्रोशित हैं परिजन
राजेंद्र की मौत से पूरा परिवार स्तब्ध है। पोस्टमार्टम होने के बाद गुरुवार दोपहर बाद जब शव घर पहुंचा, तो कोहराम मच गया। परिजन बार बार यही कह रहे थे कि अगर पुलिस ने शिकायतों का संज्ञान लिया होता, तो राजेंद्र जीवित होते।
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