कानपुर के बिधनू के बकौली गांव में प्रधानपति की कुल्हाड़ी से काटकर नृशंस हत्या कर दी गई। प्रधानपति का शव घर से डेढ़ किमी दूर खड़ंजे के किनारे मिला। फोरेंसिक टीम ने सबूत जुटाए हैं। पुलिस ने पत्नी की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। एक संदिग्ध को हिरासत में लिया गया है।
कानपुर के बिधनू के बकौली ग्राम प्रधान के पति की धारदार हथियार से वार कर हत्या कर दी गई। घटना रविवार देर रात की है। सोमवार सुबह उनका शव घर से डेढ़ किमी दूर खडंजे के किनारे पड़ा मिला। सूचना पर फोरेंसिक टीम संग मौके पर पहुंचे एसीपी घाटमपुर ने साक्ष्य एकत्रित किए। हत्याकांड के बाद से गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है। पुलिस पुरानी रंजिश समेत अन्य बिंदुओं पर मामले की जांच शुरू की है।
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बिधनू के बकौली ग्रामसभा के मजरा गोसरा निवासी सरोज पांडेय वर्तमान ग्राम प्रधान हैं। उनके पति श्रीराम पांडेय (58) पूर्व में दो बार प्रधान रह चुके हैं। परिवार में एक बेटा लवकुश दो शादीशुदा बेटियां ज्योती व आरती हैं। बेटा लवकुश ने बताया कि रविवार देर शाम करीब आठ बजे उनके पिता छोटी बकौली निवासी राम कुमार के साथ सब्जी लेने बाजार गए हुए थे।
इसके बाद से वापस नहीं लौटे। सोमवार सुबह उनकी मां सरोज ने कॉल कर बताया कि उसके पापा घर नहीं लौटे। जिसके बाद लवकुश ने गांव मे रहने वाले बड़े ताऊ सीयाराम के बेटे रेवतीरमण को कॉल कर पिता के खोजबीन की बात कही। जिसके बाद रेवतीरमण राम कुमार के घर पहुंचे। जहां रामकुमार ने बताया कि देर रात करीब सवा दस बजे श्रीराम उन्हें घर छोड़कर निकल गए थे।
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रेवतीरमण जब उन्हें खोजते हुए छोटी बकौली से गासरा गांव की तरफ निकले तो तो छोटी बकौली से करीब 200 मीटर दूर श्रीराम पांडेय का खून से लथपथ शव दिखाई दिया। वहीं पास में उनकी बाइक भी गिरी पड़ी थी। जिसके बाद रेवतीरमण ने घटना की जानकारी परिजनों और पुलिस को दी।
फोरेंसिक टीम संग मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच पड़ताल कर साक्ष्य एकत्रित किए। इस दौरान पुलिस को मौके से श्री राम पांडेय का मोबाइल, सब्जी का झोला, व दो चश्मे को कब्जे में ले लिया। जिसके से एक चश्मा किसी अन्य का था। पुलिस को आशंका है कि एक चश्मा हत्यारे का है।
बाइक के नीचे दबा मिला शव, सिर और गर्दन पर थे गहरे चोट के निशान
रेवतीरमण ने पुलिस को बताया कि जब वह चाचा श्रीराम पांडेय को खोजते हुए छोटी बकौली से गोसरा गांव वाली कच्चे रास्ते (खडंजा) पर पहुंचे तो उन्हें चाचा की बाइक दिखाई थी। जब पास पहुंचे तो उनका शव बाइक ने नीचे दबा मिला। वहीं उनके माथे और गर्दन पर गहरे चोट के निशान थे। बाइक में कोई खरोंच के निशान थे। ऐेसे में प्रतित होता है कि पहले से घात लगाए बैठे बदमाशों ने पहले उनकी बाइक रोक ली। इसके बाद उनके सिर और गर्दन पर ताबड़तोड़ वार कर मौत के घाट उतार दिया। यही कारण है कि बाइक में एक भी खरोच के निशान नहीं मिले।
सामान्य सीट पर रहता है पांडेय परिवार का कब्जा
ग्रामीणों के अनुसार वर्ष 1995 में श्रीराम की भाभी उर्मिला पांडेय पहली बार ग्राम प्रधान के लिए चुनी गई थीं। इसके बाद पिछले 10 साल से श्रीराम स्वयं प्रधान रहे। महिला सीट होने पर उन्होंने अपनी पत्नी सरोज को ग्राम प्रधान के लिए चुनाव लड़ाया था। वह भी भारी मतो से विजयी हुई थीं। जो वर्तमान में प्रधान हैं। ऐसे में ग्रामीणों का कहना है कि सामान्य सीट पर पांडेय परिवार का ही सीट पर कब्जा रहता है।
भतीजे द्वारा पूर्व प्रधान की हत्या किए जाने की सूचना मिली थी। हत्या के खुलासे के लिए चार टीमें लगाई गई हैं। कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। जल्द ही हत्या का खुलासा किया जाएगा। -दिनेश शुक्ला, एसीपी घाटमपुर