करीब तीन माह पहले दिल्ली के डॉक्टर से मारपीट के मामले के बाद चर्चा में आए बिधनू के करौली सरकार के आश्रम के बाहर एक युवक ने पेड़ से फंदा लगाकर जान दे दी। पश्चिम बंगाल का यह युवक करौली सरकार डॉ. संतोष भदौरिया से इलाज कराने आया था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर के पंजीपाड़ा बालुचक्का निवासी ऑटो चालक अजय चौहान (30) अक्सर बीमार रहते थे। उनकी बहन रीता चौहान ने बताया कि इलाज के बाद भी अजय ठीक नहीं हो रहा था। यू-ट्यूब से कानपुर के बिधनू में करौली सरकार का पता चला।
20 मई को भाई को लेकर आश्रम पहुंची, यहां पांच हजार रुपये जमा करने के बाद बाबा डॉ. संतोष भदौरिया से मुलाकात हुई। बाबा ने 35 हजार रुपये के नौ हवन करवाए, जिससे अजय को कुछ आराम मिलने लगा। इस पर वापस चले गए थे।
इसके बाद फिर से तबीयत बिगड़ी तो शनिवार को भाई अजय, मां ललिता देवी व अपनी बेटी दीया के साथ आश्रम पहुंचीं। गुरुपूर्णिमा के कारण करौली सरकार से पांच जुलाई के बाद मुलाकात होने की बात बताई गई। इससे आश्रम में ही रुक गईं थीं। रविवार देर रात अजय आश्रम के बाहर टहलने की बात बोलकर निकला था।
काफी देर तक न लौटने पर खोजबीन की, लेकिन कुछ पता नहीं चला। सोमवार दोपहर करीब 12 बजे आश्रम के पास युवक का शव मिलने का अनाउंसमेंट किया गया, तब घटना की जानकारी हुई। थाना प्रभारी प्रद्युम्न सिंह ने बताया कि युवक बीमारी के चलते मानसिक तनाव में था। इसी कारण से उसने खुदकुशी कर ली। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तहरीर के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
पेड़ से बंधी रस्सी टूटी, नीचे पड़ा था शव
सुबह कुछ ग्रामीण आश्रम के पास से गुजरे तो उनकी नजर पेड़ के नीचे पड़े युवक के शव पर पड़ी। पुलिस को सूचना दी गई। फोरेंसिक टीम ने घटना स्थल से साक्ष्य जुटाए। पेड़ से बंधे फंदे की रस्सी बीच से टूटने के कारण आधी रस्सी पेड़ से बंधी मिली और आधी युवक के गले में। पुलिस के अनुसार, रस्सी पतली होने के कारण टूट गई, इससे शव गिर गया।