वर्ष 1980 में बिलग्राम के तत्कालीन विधायक हरिशंकर तिवारी के प्रयासों से पैंटूल पुल बन गया था, लेकिन स्थानीय लोग स्थायी पुल की मांग कर रहे थे। शायद ही कोई चुनाव ऐसा रहा हो, जब पुल निर्माण का मुद्दा अहम न रहा हो। अब इस पुल के निर्माण का प्रस्ताव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वीकृत कर दिया है।
यूपी के हरदोई जिले में कटरी के बाशिंदों की लगभग साढ़े चार दशक पुरानी अर्जुनपुर में रामगंगा नदी पर पुल की मांग पूरी हो गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यालय के अधिकृत सोशल मीडिया पेज पर 106 करोड़ 78 लाख 71 हजार रुपये से पुल निर्माण की स्वीकृति किए जाने की जानकारी दी गई।
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इसका पता चलते ही सवायजपुर विधानसभा क्षेत्र के लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई। पुल के निर्माण से 22 गांवों के लगभग 1 लाख 45 हजार लोगों को लाभ मिलेगा। कटरी के इलाके में रामगंगा नदी पर अर्जुनपुर में पुल निर्माण कराए जाने की मांग वर्ष 1975 से चल रही है।
दरअसल, 1975 में कार्तिक पूर्णिमा के दिन श्रद्धालुओं से भरी नाव रामगंगा नदी में पलट गई थी। बुजुर्ग बताते हैं इस घटना में लगभग 90 श्रद्धालुओं की डूबकर मौत हो गई थी। घटना में जान गंवाने वाले लोगों में बच्चे, बूढ़े और महिलाएं शामिल थीं।
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वर्ष 1980 में बिलग्राम के तत्कालीन विधायक हरिशंकर तिवारी के प्रयासों से पैंटूल पुल बन गया था, लेकिन स्थानीय लोग स्थायी पुल की मांग कर रहे थे। शायद ही कोई चुनाव ऐसा रहा हो, जब पुल निर्माण का मुद्दा अहम न रहा हो। अब इस पुल के निर्माण का प्रस्ताव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वीकृत कर दिया है। 106 करोड़ 78 लाख 71 हजार रुपये से पुल का निर्माण कराया जाएगा।
लगभग डेढ़ किलोमीटर लंबे पुल का होगा निर्माण
सेतु निगम और लोक निर्माण विभाग से जुड़े सूत्रों के मुताबिक अर्जुनपुर में रामगंगा नदी पर बनने वाला पुल 1399.70 मीटर लंबा होगा। पुल दो लेन का होगा। मतलब यह कि इसकी चौड़ाई 7.50 मीटर होगी। पुल का निर्माण सेतु निगम कराएगा, जबकि पहुंच मार्ग का निर्माण लोक निर्माण विभाग का खंड एक कराएगा। यहां सुरक्षात्मक कार्य भी कराए जाएंगे।
कई जनपदों से सीधे जुड़ जाएंगे कटरी के बाशिंदे
अर्जुनपुर-खड़गपुर-बड़ागांव मार्ग पर रामगंगा नदी पर पुल न होने के कारण अभी क्षेत्रीय जनता को हरदोई मुख्यालय हुल्लापुर-रूपापुर घूमते हुए जाना पड़ता है। इससे लगभग 38 किलोमीटर लंबाई बढ़ जाती है। पुल का निर्माण हो जाने से क्षेत्रीय लोग सवायजपुर, हरदोई, कन्नौज, फर्रुखाबाद और बदायुं से सीधे जुड़ जाएंगे।
घोषणा के ढाई वर्ष बाद पूरी हुई साध
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य 23 दिसंबर 2018 को सवायजपुर आए थे। यहां उन्होंने लोक निर्माण विभाग के निरीक्षण भवन में विकास कार्यों का लोकार्पण किया था। इस दौरान अपने संबोधन में क्षेत्रीय विधायक माधवेंद्र प्रताप सिंह रानू ने उपमुख्यमंत्री से कई दशक पुरानी अर्जुनपुर पुल की मांग रखी। इस पर उपमुख्यमंत्री ने पुल का निर्माण कराए जाने की घोषणा कर दी। इसके बावजूद पुल निर्माण के प्रस्ताव को मंजूरी मिलने में दो वर्ष छह माह और तीन दिन लग गए। उपमुख्यमंत्री 23 दिसंबर को ही पांडेपुरवा में प्रदेश के महाधिवक्ता राघवेंद्र सिंह के बुलावे पर कंबल वितरण कार्यक्रम में गए थे। यहां भी महाधिवक्ता ने उनसे अर्जुनपुर पुल का निर्माण कराए जाने की मांग की थी, तो उपमुख्यमंत्री ने कहा था कि सवायजपुर में घोषणा कर दी है कि पुल जल्द बनेगा।