एसपी आउटर तेज स्वरूप सिंह ने बताया कि जेल में बंद आरोपियों में शिव तिवारी भी शामिल है। उस पर एनएसए लगाया गया है। पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि वारदात ने पूरे देश को हिला कर रख दिया था। शिव तिवारी का इलाके में खौफ है। आज भी लोग दहशत में है। अगर वह जेल से छूटा तो फिर से ऐसी वारदात को अंजाम दे सकता है। इसी आधार पर एनएसए लगाने की संतुति की थी।
वारदात में थी मुख्य भूमिका
वारदात में दो सेमी ऑटोमैटिक राइफल का इस्तेमाल किया गया था। एक विकास के पास थी। जो उसके भाई दीपक दुबे के नाम पर थी। वहीं दूसरी राइफल शिव तिवारी की थी। इससे एक बार में तीस राउंड फायर होता है। जिन पुलिसकर्मियों की हत्या की गई थी, उनकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला था कि गोलियां इन्हीं राइफलों से मारी गई थी। विकास के साथ शिव की भूमिका वारदात में मुख्य थी।
अब तक इन पर लगा चुका है एनएसए
पुलिस ने सबसे पहले आरोपी शिवम दलाल पर एनएसए लगाया था। उसके बाद जय बाजपेई, रमेश चंद्र, प्रशांत, बल्लू मुसलमान एनएसए लगाया। वहीं अब शिव तिवारी पर इसी एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।