सत्यापन में हुई खानापूरी
तमाम ऐसे शस्त्र लाइसेंस धारक मिले जिन पर आपराधिक मामले दर्ज थे। उनके लाइसेंस निरस्त नहीं किए गए बल्कि नवीनीकरण भी किया गया। यही वजह है कि बिकरू कांड के गुनहगारों के पास भी लाइसेंसी हथियार उपलब्ध थे। जिनसे पुलिसकर्मियों पर गोलियां बरसाईं थीं। कुछ पत्रावलियों के सत्यापन में बड़ा खेल सामने आया। नियमानुसार सभी लाइसेंस पर डीएम, एडीएम, एसडीएम, सिटी मजिस्ट्रेट आदि अफसरों के हस्ताक्षर हाते हैं। सूत्रों के मुताबिक एसआईटी ने पाया कि कुछ पत्रावलियों पर अफसरों के हस्ताक्षर हुए बगैर ही लाइसेंस जारी किए गए। जारी करने वाले अफसर इसमें फंसते दिख रहे हैं। इसी तरह की कई गंभीर तथ्य सामने आए हैं।