फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बिकरू कांड: खुशी की जमानत सत्यापन न होने पर न्यायालय ने जताई नाराजगी, मामले की सुनवाई 19 जनवरी को

Tue, 17 Jan 2023 11:00 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर देहात

सार

4 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट से खुशी को जमानत मिल गई थी। जमानत आदेश सेशन कोर्ट में दाखिल करने के बाद 6 जनवरी को कोर्ट ने खुशी को डेढ़-डेढ़ लाख की दो जमानतें दाखिल करने पर रिहा करने के आदेश दिए थे। दो जमानतें कोर्ट में दाखिल कर दी गई थीं। इसके बावजूद खुशी की जेल से रिहाई नहीं हो सकी। खुशी की जमानत सत्यापन न होने पर न्यायालय ने नाराजगी जताई है।
विज्ञापन
खुशी दुबे - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बिकरू कांड में मुठभेड़ में मारे जा चुके अमर दुबे की पत्नी खुशी दुबे को मुख्य मामले में सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई थी। इसके बाद न्यायालय ने जमानत प्रपत्र को सत्यापन के लिए भेजा था, लेकिन एक सप्ताह से अधिक समय बीतने के बाद भी जमानत सत्यापन नहीं हुआ। इस पर न्यायालय ने नाराजगी नौबस्ता व पनकी थाना प्रभारी के साथ ही यूको बैंक अर्मापुर शाखा प्रबंधक को जवाब देने के लिए तलब किया है।

विज्ञापन


मामले में सुनवाई के लिए 19 जनवरी की तिथि नियत की है। चौबेपुर के बिकरू गांव में दो जुलाई 2020 को दबिश देने गई पुलिस टीम पर गैंगस्टर विकास दुबे गैंग ने फायरिंग कर दी थी। घटना में आठ पुलिस कर्मियों की मौत हो गई थी। कई लोग घायल हो गए थे। मामले में पुलिस ने अमर दुबे की पत्नी खुशी पर हत्या, हत्या का प्रयास, डकैती के साथ ही फर्जी दस्तावेज लगा सिम लेने का मुकदमा दर्ज किया था। मामले में किशोर न्याय बोर्ड से खुशी की जमानत मंजूर हो गई थी। मुख्य मामले में उसकी जमानत याचिका के लिए बचाव पक्ष को सुप्रीम कोर्ट तक जाना पड़ा।

बचाव पक्ष की प्रार्थना पत्र को स्वीकारते हुए सुप्रीम कोर्ट ने चार जनवरी को खुशी  की जमानत मंजूर की थी। बचाव पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश को एडीजे 13 पॉक्सो शैलेंद्र कुमार वर्मा की अदालत में पेश किया था। इस पर न्यायालय ने  डेढ़-डेढ़ लाख की दो जमानतें दाखिल करने के आदेश दिए थे। बचाव पक्ष ने नौ जनवरी को न्यायालय के आदेश पर जमानती प्रपत्र कोर्ट में पेश कर दिए थे। न्यालय ने उनके सत्यापन के आदेश दिए थे। बचाव पक्ष के अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित ने बताया कि न्यायालय ने जमानत  प्रपत्र को रजिस्टर्ड डाक से जमानती के निवास पर सत्यापन के लिए पनकी व नौबस्ता थाने में भेजा था। वहीं जमानत राशि के प्रपत्र के सत्यापन के लिए जमानती की तरफ से यूको बैंक शाखा आर्मापुर की लगाई गई एफडी के कारण उसे बैंक भेजा गया था।

एक सप्ताह से अधिक का समय बीतने के बाद भी पुलिस व बैंक के सत्यापन रिपोर्ट न भेजने पर बचाव पक्ष के अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित ने सोमवार को न्यालय में रजिस्टर्ड डाक से भेजे गए जमानत प्रपत्रों की बैंक व संबंधित थाना प्रभारी में पहुंचने से संबंधित डाक की रिपोर्ट के साथ प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर तर्क रखा कि प्रशासन के दबाव में पुलिस व बैंक द्वारा सत्यापन रिपोर्ट अदालत में नहीं पेश की जा रही है। इस पर  न्यायालय ने कड़ी नाराजगी जताई  है। बचाव पक्ष के अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित ने बताया कि जमानत प्रपत्र सत्यापन में लापरवाही बरतने पर थाना प्रभारी पनकी व नौबस्ता को  तलब किया गया है। इसके साथ ही जमानतगीर की ओर से लगाए गए एफडी प्रपत्र की रिपोर्ट न प्रेषित करने पर यूको बैंक अर्मापुर के शाखा प्रबंधक को भी तलब करते हुए मामले की सुनवाई के लिए 19 जनवरी की तिथि तय की है।
विज्ञापन

गवाह दरोगा के न आने से टली सुनवाई 
बिकरू कांड के बाद पुलिस ने मुठभेड़ में मारे गए अमर दुबे की पत्नी खुशी को मुख्य मामले में आरोपी बनाते हुए उसके खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किए थे। मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-13 पॉक्सो शैलेंद्र कुमार वर्मा की अदालत में चल रही है। मामले में खुशी पर आरोप तय होने के बाद गवाही चल रही है। बचाव पक्ष के अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित ने बताया कि सोमवार को अभियोजन के गवाह दरोगा कुंवरपाल के अदालत न आने से मामले में सुनवाई नहीं हो सकी है। अदालत ने अब सुनवाई के लिए मामले में 24 जनवरी की तारीख तय की है। इस दौरान खुशी अदालत में उपस्थित रही।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें