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ढाई करोड़ रुपये की साइबर ठगी का मामला: अवैध रूप से रह रहा था नाइजीरियन, 30 लाख कराए होल्ड, बड़ा खुलासा

Wed, 15 Sep 2021 10:12 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

ठगी को अंजाम देने वाला नाइजीरियन रॉबर्ट ओटूजेमे अवैध तरीके से भारत में रह रहा था। पूछताछ में उसने बताया कि उसका पासपोर्ट खो गया है। वह डेढ़ साल पहले भारत आया था। वीजा की समयावधि केवल छह महीने की थी। यानी अब उसका वीजा भी समाप्त हो गया है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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कानपुर की कंपनी के ढाई करोड़ रुपये पार करने वाले गिरोह का मास्टरमाइंड नाइजीरियन अवैध रूप से भारत में रह रहा था। बरेली पुलिस ने जब छानबीन की तब इसका खुलासा हुआ। इस संबंध में पुलिस ने नाइजीरिया के दूतावास को सूचना दे दी है। उधर, बरेली पुलिस अब तक ढाई करोड़ में से 80 लाख रुपये ट्रेस कर चुकी है।
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जिसमें से 30 लाख रुपये खातों में होल्ड करवा दिए गए हैं। स्वरूपनगर स्थित गणेशा इकोटेक कंपनी के अधिकारी की ईमेल हैक कर ढाई करोड़ रुपये पार करने के मामले में एक और खुलासा हुआ है। ठगी को अंजाम देने वाला नाइजीरियन रॉबर्ट ओटूजेमे अवैध तरीके से भारत में रह रहा था।

पूछताछ में उसने बताया कि उसका पासपोर्ट खो गया है। वह डेढ़ साल पहले भारत आया था। वीजा की समयावधि केवल छह महीने की थी। यानी अब उसका वीजा भी समाप्त हो गया है। इसलिए इस पर विदेशी अधिनियम के तहत भी केस दर्ज किया गया है।
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वहीं कानपुर पुलिस ने केस से संबंधित पूरी जानकारी बरेली पुलिस को दी है। सूत्रों के मुताबिक कंपनी से ठगी गई कुल रकम में से 80 लाख रुपये फरीदपुर के मेंहदी हसन उर्फ हरपाल और अरबाज खान के खाते में ट्रांसफर हुई थी।

दोनों के खातों से फरीदपुर स्थित आरएम इंटरप्राइजेज कंपनी के खाते में 33 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए। इसमें से 30 लाख रुपये पुलिस ने होल्ड करवा दिए हैं। बाकी रकम आरोपी निकाल चुके हैं। मेंहदी असन व अरबाज अभी तक पुलिस के हाथ नहीं आए हैं।
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पूरी रकम ट्रेस करने में लगेगा वक्त
बरेली पुलिस की क्राइम ब्रांच पूरे प्रकरण की जांच कर रही है। ठगी की रकम बड़ी है। इसलिए पूरी रकम ट्रेस करने में वक्त लगेगा। अभी तक की जांच के मुताबिक अंदेशा है कि ढाई करोड़ रुपये 20 से अधिक खातों में ट्रांसफर किए गए हैं। आशंका है कि ये खाते भी फेक आईडी पर हैं। तब भी पुलिस खातों का सत्यापन करवा रही है। जल्द ही बड़ा खुलासा होगा।

आरोपियों को अपने केस में शामिल करेगी कानपुर पुलिस 
ठगी का लगभग खुलासा हो चुका है। आरोपी भी ट्रेस हो चुके हैं लेकिन एक बड़ा सवाल अभी भी बरकरार है। आखिर ठगों को कंपनी के बारे में जानकारी कैसे हुई। उनको कैसे पता था कि मनमोहन गुप्ता के ईमेल से बैंक को लेटरपैड अटैच कर मेल भेजकर रकम की मांग करनी है। ये पूरी बात कोई अंदर का ही शख्स बता सकता है। इसलिए इसमें तफ्तीश जारी है। पता किया जा रहा है कि आखिर ये कौन है। उधर स्वरूपनगर पुलिस बी वारंट लेकर आरोपियों को अपने केस में शामिल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। 
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