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बिधनू गोली कांड: फोरेंसिक रिपोर्ट का दावा, युवक को गोली मारी गई थी, आरोपी पिता फरार

Sun, 26 Sep 2021 09:36 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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सफेद सूट में मृतक कमल की पत्नी - फोटो : amar ujala
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कानपुर बिधनू में प्रॉपर्टी डीलर के बेटे कमल द्विवेदी (28) की मौत के मामले में फोरेंसिक जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। फोरेंसिक टीम को जो साक्ष्य मिले हैं उससे दावा किया गया है कि गोली धोखे से नहीं चली बल्कि सीधे गोली मारकर कमल की हत्या की गई। गोली राइफल से नहीं डबल बैरल बंदूक से मारी गई थी।
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पुलिस इन तथ्यों को नजरअंदाज कर रही है। फरार मृतक का पिता भी पुलिस की गिरफ्त से दूर है। द्विवेदी नगर निवासी प्रॉपर्टी डीलर मनोज कुमार द्विवेदी के घर पर 22 सितंबर की रात पारिवारिक विवाद हुआ था। इसी दौरान गोली चली थी। गोली मनोज के बेटे कमल के पेट में लगी थी।

जिससे उसकी मौत हो गई थी। पुलिस ने कमल की मां गीता की तहरीर पर मनोज और कमल की पत्नी प्रीति पर गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया था। जिसके बाद प्रीति ने मनोज पर हत्या करने का आरोप लगा तहरीर दी थी। वारदात के बाद से आरोपी मनोज फरार है। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए थे।
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साक्ष्यों के आधार पर फोरेंसिक टीम ने वारदात को हत्या बताया है। गैर इरादतन हत्या की आशंका को फोरेंसिक रिपोर्ट ने नकार दिया है। गोली जिस एंगल से कमल को लगी थी उस तरह से छीनाझपटी में नहीं लग सकती। ऐसा फोरेंसिक जांच में कहा गया है। फिलहाल पुलिस ने इसे दरकिनार कर दिया है।
 
एफआईआर में लिखी बातों के साक्ष्य नहीं 
एफआईआर में लिखा गया है कि विवाद के दौरान कमल खुदकुशी करने के लिए बंदूक ले आया था। ये देख मनोज और प्रीति ने बंदूक छीनने का प्रयास किया। तभी अचानक गोली चल गई जो कमल के पेट में लग गई। फोरेंसिक जांच में इस तथ्य के संबंध में साक्ष्य नहीं मिले हैं। दोनों असलहों में से किसी पर भी कमल के फिंगर प्रिंट नहीं मिले हैं।

12 बोर की गोली लगी थी
फोरेंसिक रिपोर्ट के मुताबिक गोली दोनाली बंदूक से चली थी। इसकी पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से भी हुई। जो गोली लगी थी वह 12 बोर की थी। यानी गोली राइफल से नहीं चली थी। दोनों असलहों में से किसी पर भी कमल के फिंगर प्रिंट नहीं मिले हैं। अगर कमल खुदकुशी करने के लिए बंदूक लेकर आया था तो उसके फिंगर प्रिंट उस पर होने चाहिए। वहीं मनोज का वारदात के तुरंत बाद फरार हो जाना भी सीधे तौर पर उसको कटघरे में खड़ा करता है। पीड़ित परिजनों का कहना है कि अगर गोली धोखे से चली थी तो मनोज भागा क्यों।
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