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मासूम से हैवानियत: अस्पताल में लड़ रही जिंदगी की जंग, अब तक होश नहीं...PICU में शिफ्ट, नाबालिग पर रिपोर्ट दर्ज

Wed, 24 May 2023 12:58 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur Crime: चकेरी के सनिगवां में नौ साल के बच्चे एक तीन साल की मासूम से दुष्कर्म किया था।  इसके बाद बच्ची गड्ढे में औंधे मुंह पड़ी मिली, जिसके सिर पर गंभीर चोटें थीं। बच्ची का जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है, जिसको अभी तक होश नहीं आया है।
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जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज कानपुर - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर के चकेरी की तीन साल की पीड़ित बच्ची को अभी पूरी तरह होश नहीं आया है। उसकी हालत स्थिर बनी हुई है। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के बालरोग विभागाध्यक्ष डॉ. अरुण कुमार आर्या ने बताया कि बच्ची को सुबह झटके आए थे। इसके बाद उसकी सीटी स्कैन जांच कराई गई, लेकिन रिपोर्ट नॉर्मल है।

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जांच में जननांग में किसी तरह की चोट नहीं पाई गई। बच्ची को पीडियाट्रिक आईसीयू में शिफ्ट कर दिया गया है। उसका इलाज वरिष्ठ बालरोग विशेषज्ञ डॉ. यशवंत राव के अंडर में चल रहा है। वहीं, पुलिस ने पीड़िता की मां की तहरीर पर आरोपी नाबालिग बच्चे के खिलाफ दुष्कर्म व पॉक्सो की धारा में रिपोर्ट दर्ज की है।
हालांकि, उसकी कम उम्र को लेकर किशोर बोर्ड और किशोर न्यायालय ने उसे सुपुर्दगी में लेने को लेकर अपने हाथ खड़े कर दिए। साल के आरोपित के खिलाफ कानूनन कैसे पेश आया जाए, इसे लेकर मंगलवार को चकेरी पुलिस बालक को लेकर किशोर न्यायालय और किशोर बोर्ड के चक्कर काटती रही।

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घर के बाहर खेल रही थी बच्ची
देर शाम पुलिस आरोपी बच्चे को लेकर थाने वापस आ गई। उसे चाइल्ड वेलफेयर सोसाइटी के सदस्य की निगरानी में रखा गया है। पुलिस बुधवार को उसे फिर से बाल सुधार गृह में दाखिल कराने का प्रयास करेगी। चकेरी निवासी मजदूर की तीन वर्षीय बच्ची सोमवार को घर के बाहर खेल रही थी।

दूसरे समुदाय का बच्चे ने की गलत हरकत
आरोप है कि इस दौरान कॉलोनी में रहने वाला दूसरे समुदाय का आठ वर्षीय बालक बच्ची को साइकिल से घुमाने के बहाने ले गया। कालोनी के पीछे के हिस्से में खाली प्लाट में लेजाकर बच्ची से गलत हरकत की। तभी वहां से गुजरी महिला के टोक देने पर बच्ची को धक्का देकर भाग निकला।

पुलिस बोली- अपराध श्रेणी में नहीं आता है
गिरने से उसके सिर पर चोट लगने से वह लहूलुहान हो गई। थाना प्रभारी रत्नेश सिंह ने बताया कि कानूनी पेंच फंसने के कारण मंगलवा को बच्चे को दाखिल नहीं किया जा सका। फिर से प्रयास किया जाएगा। इंस्पेक्टर के मुताबिक कानून के अनुसार 12 साल से कम उम्र के बच्चे द्वारा किया गया आपराधिक कार्य अपराध श्रेणी में नहीं आता है।

एज डिटरमिनेशन टेस्ट होगा
ऐसे में 12 साल से कम उम्र में अपराध करने पर सजा नहीं हो सकती है। यानी 12 साल से कम उम्र के बच्चे को पुलिस गिरफ्तार भी नहीं किया जा सकता। ऐसे में पुलिस कानूनी जानकारों से राय लेकर इस मामले का हल निकालेगी। वहीं, बालक की सही उम्र की जानकारी के लिए एज डिटरमिनेशन टेस्ट कराया जाएगा।

किशोर बोर्ड में केवल पीड़ित लोग ही रखे जाते है। इसलिए आरोपी बालक को उनके यहां नहीं रखा जा सकता है। इस कारण पुलिस को किशोर न्यायालय भेजा गया है।  -निर्मल कुमार पांडेय, अध्यक्ष बाल कल्याण समिति

इलाके का युवक करता था बालक से गलत हरकत
पुलिस ने बताया कि बालक के पिता फेरी लगाकर सामान बेचते हैं। उसकी मां घरों में काम करती है। परिवार में छह बच्चे हैं, जिनमें से मासूम के साथ हरकत करने वाला बालक दूसरे नंबर का है। वह इलाके में भीख मांगता था। साथ ही कई-कई दिनों तक घर नहीं लौटता था।
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चाइल्ड वेलफेयर सोसाइटी की लेंगे सहायता
बालक ने बताया कि इलाके का एक युवक उसके साथ गलत हरकत करता था। इस कारण वह भी मासूम को अपने साथ ले गया था। फिलहाल बालक की बातों में कितनी सच्चाई है इसके लिए चाइल्ड वेलफेयर सोसाइटी के सदस्यों की सहायता ली जाएगी।
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