घर के बाहर खेल रही थी बच्ची
देर शाम पुलिस आरोपी बच्चे को लेकर थाने वापस आ गई। उसे चाइल्ड वेलफेयर सोसाइटी के सदस्य की निगरानी में रखा गया है। पुलिस बुधवार को उसे फिर से बाल सुधार गृह में दाखिल कराने का प्रयास करेगी। चकेरी निवासी मजदूर की तीन वर्षीय बच्ची सोमवार को घर के बाहर खेल रही थी।
दूसरे समुदाय का बच्चे ने की गलत हरकत
आरोप है कि इस दौरान कॉलोनी में रहने वाला दूसरे समुदाय का आठ वर्षीय बालक बच्ची को साइकिल से घुमाने के बहाने ले गया। कालोनी के पीछे के हिस्से में खाली प्लाट में लेजाकर बच्ची से गलत हरकत की। तभी वहां से गुजरी महिला के टोक देने पर बच्ची को धक्का देकर भाग निकला।
पुलिस बोली- अपराध श्रेणी में नहीं आता है
गिरने से उसके सिर पर चोट लगने से वह लहूलुहान हो गई। थाना प्रभारी रत्नेश सिंह ने बताया कि कानूनी पेंच फंसने के कारण मंगलवा को बच्चे को दाखिल नहीं किया जा सका। फिर से प्रयास किया जाएगा। इंस्पेक्टर के मुताबिक कानून के अनुसार 12 साल से कम उम्र के बच्चे द्वारा किया गया आपराधिक कार्य अपराध श्रेणी में नहीं आता है।
एज डिटरमिनेशन टेस्ट होगा
ऐसे में 12 साल से कम उम्र में अपराध करने पर सजा नहीं हो सकती है। यानी 12 साल से कम उम्र के बच्चे को पुलिस गिरफ्तार भी नहीं किया जा सकता। ऐसे में पुलिस कानूनी जानकारों से राय लेकर इस मामले का हल निकालेगी। वहीं, बालक की सही उम्र की जानकारी के लिए एज डिटरमिनेशन टेस्ट कराया जाएगा।
किशोर बोर्ड में केवल पीड़ित लोग ही रखे जाते है। इसलिए आरोपी बालक को उनके यहां नहीं रखा जा सकता है। इस कारण पुलिस को किशोर न्यायालय भेजा गया है। -निर्मल कुमार पांडेय, अध्यक्ष बाल कल्याण समिति
इलाके का युवक करता था बालक से गलत हरकत
पुलिस ने बताया कि बालक के पिता फेरी लगाकर सामान बेचते हैं। उसकी मां घरों में काम करती है। परिवार में छह बच्चे हैं, जिनमें से मासूम के साथ हरकत करने वाला बालक दूसरे नंबर का है। वह इलाके में भीख मांगता था। साथ ही कई-कई दिनों तक घर नहीं लौटता था।
चाइल्ड वेलफेयर सोसाइटी की लेंगे सहायता
बालक ने बताया कि इलाके का एक युवक उसके साथ गलत हरकत करता था। इस कारण वह भी मासूम को अपने साथ ले गया था। फिलहाल बालक की बातों में कितनी सच्चाई है इसके लिए चाइल्ड वेलफेयर सोसाइटी के सदस्यों की सहायता ली जाएगी।