राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के शहादत दिवस पर फूलबाग स्थित प्रतिमा स्थल पर ताला पड़ा रहा। दोपहर तक न तो परिसर की सफाई की गई और न ही प्रतिमा को माला पहनाई गई थी। संयुक्त विपक्षी मोर्चा के संयोजक सुरेश गुप्ता दोपहर तीन बजे यहां पहुंचे तो उन्होंने ताला खुलवाया।
गांधी प्रतिमा पर गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर डाली गई माला पड़ी देख उन्होंने नाराजगी जताई। इतने में और भी लोग आ गए। जिला प्रशासन और नगर निगम को खरी-खोटी सुनाते हुए सभी ने यहां सफाई कराई। बाद में गांधी शांति प्रतिष्ठान, रालोद और गांधीवादी विचारधारा के लोगों ने संयुक्त रूप से पुष्पांजलि अर्पित की और विचार गोष्ठी की।
गोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि आपको गांधी को चुनना है या गोडसे को, ये आपको तय करना है। मुख्य वक्ता पूर्व सांसद सुभाषिनी अली ने कहा कि आज पूरी दुनिया में गांधी जी की अहिंसा को मान्यता मिल रही है। गांधी जी की अहिंसा कायरों की अहिंसा नहीं थी।
आज गांधी जी के विचारों को मानने वाले निष्ठावान कार्यकर्ता नहीं हैं, इसलिए हिंसा बढ़ती जा रही है। गोष्ठी की अध्यक्षता दीपक मालवीय और संचालन सुरेश गुप्ता ने किया। इस मौके पर गांधीवादी चिंतक बिंदा भाई, नरेंद्र सिंह पिंटू ठाकुर, नसीम रजा, श्यामदेव सिंह, अनिल सोनकर, प्रताप साहनी, आरपी कनौजिया आदि मौजूद रहे।