ठंड के मौसम में पुराने रोगियों की तबीयत बिगड़ रही है। हृदय, गुर्दा, डायबिटीज और हाइपरटेंशन के रोगी जरा सी लापरवाही में गंभीर हो जा रहे हैं। 24 घंटे के अंदर कार्डियोलॉजी इंस्टीट्यूट में तीन और हृदय रोगियों की मौत हो गई। इसके अलावा दो दमा के रोगियों की मौत हुई है।
दवाओं से रोगियों की तबीयत नियंत्रित चल रही थी लेकिन अचानक हालत बिगड़ी और मौत हो गई। इसके अलावा विंटर डायरिया और निमोनिया के रोगी भी बढ़ रहे हैं। हैलट इमरजेंसी में ब्रेन अटैक और गुर्दा फेल के रोगियों को गंभीर हालत में भर्ती किया गया है।
रविवार को दो दमा रोगियों की मौत हुई है। रावतपुर के रामनरेश (65) और ग्वालटोली के केशव (62) को परिजन हैलट लेकर आए थे। लेकिन रास्ते में ही मौत हो गई। कार्डियोलॉजी इमरजेंसी में 129 रोगी आए। इनमेें 31 रोगियों को गंभीर हालत में भर्ती किया गया।
22 रोगियों की सर्जरी की गई। 258 हृदय रोगियों को ओपीडी में देखा गया। कार्डियोलॉजी निदेशक प्रोफेसर विनय कृष्णा ने बताया कि इंस्टीट्यूट आने वाले रोगियों की कोरोना जांच भी कराई जाती है। इसके साथ ही एचडीयू में अलग से व्यवस्था कर दी गई है।