बांदा जिले के बेसिक शिक्षा विभाग में मध्याह्न भोजन योजना के जिला समन्वयक को एंटी करप्शन टीम ने दस हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया। गुरुवार दोपहर टीम शिकायतकर्ता सेवानिवृत्त शिक्षक को लेकर साथ पहुंची तो पूरे कार्यालय में अफरा-तफरी मच गई। आरोपी कर्मचारी को वाहन में बैठाकर टीम कोतवाली देहात थाने ले गई। आरोपी कर्मचारी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जेल भेज दिया गया है।
विकास खंड नरैनी क्षेत्र में तैनात रहे शिक्षक गंगा सागर पिछले वर्ष सेवानिवृत्त हुए थे। तैनाती के दौरान विद्यालय में रसोईया की नियुक्ति को लेकर मध्याह्न भोजन योजना के जिला समन्वयक भाष्कर आसवानी ने उन्हें दो दिन पूर्व नोटिस भेजी थी। इससे सेवानिवृत्त शिक्षक काफी परेशान थे। पीड़ित गंगा सागर ने बताया कि डीसी भाष्कर आसवानी ने उनसे रिश्वत में दस हजार रुपये की मांग की थी। उन्होंने इसकी सूचना भ्रष्टाचार निवारण टीम को दी। गुरुवार को सुबह शिक्षक दस हजार रुपये लेकर बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंचे।
यहां उन्होंने रुपये जिला समन्वयक भाष्कर आसवानी को दिए। वह नोट गिन ही रहे थे कि प्रभारी निरीक्षक राकेश सिंह की अगुवाई में एंटी करप्शन की टीम ने छापा मारा। टीम को देखते ही उनके हाथ से दस हजार रुपये छूट कर नीचे गिर गए। पूरे आफिस में अफरा-तफरी मच गई। टीम के अधिकारी भाष्कर आसवानी को वाहन में अपने साथ कोतवाली देहात थाने ले गए। यहां डीसी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई। टीम में निरीक्षक ओम प्रकाश सहित शिव कुमार शर्मा, अनिल कुमार, चंद्रपाल सिंह, अभिषेक सिंह, सचिन चौरसिया, नितिन कंचन व शारदा प्रसाद शामिल रहे। बीएसए प्रिंसी मौर्या से इस संबंध में बात करने का प्रयास किया, पर सफलता नहीं मिली। बीएसए की नाक तले पनप रहे भ्रष्टाचार को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं रहीं।
उगाही से शिक्षक परेशान
शिकायतकर्ता शिक्षक गंगा सागर का कहना है कि एमडीएम जिला समन्वयक भास्कर आसवानी से काफी शिक्षक परेशान हैं। इसी तरह फर्जी कार्रवाई कर शिक्षकों से धन उगाही करते हैं और मामले को रफा दफा कर दिया जाता है।