बांदा जेल में बंद बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी द्वारा जेल में अपनी हत्या की आशंका जताने पर जेल प्रशासन का कहना है कि ऐसा कुछ नहीं है। मुख्तार की सुरक्षा में कोई कमी नहीं है। बैरक के बाहर एक दर्जन बंदी रक्षक तैनात हैं। सीसीटीवी कैमरों से 24 घंटे नजर रखी जा रही है।
गैंगस्टर और बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी की एंबुलेंस प्रकरण में सोमवार को बाराबंकी की विशेष सत्र न्यायाधीश की अदालत में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी हुई थी, जिसमें मुख्तार अंसारी ने पेशी के दौरान कहा था कि जेल में उसकी हत्या के लिए पांच करोड़ रुपये की सुपारी दी गई है।
जेल में अनाधिकृत संदिग्ध लोग बिना एंट्री किए दाखिल हो रहे हैं। सीसीटीवी कैमरों का डायरेक्शन बदल दिया गया है। मुख्तार की इस शिकायत पर विशेष सत्र न्यायाधीश ने जांच के आदेश दिए हैं। दूसरी तरफ बांदा जेल प्रशासन का दावा है कि मुख्तार की सुरक्षा में कोई कमी नहीं है।
डिप्टी जेलर, दो हेड वार्डर सहित एक दर्जन बंदी रक्षक बैरक के बाहर सुरक्षा में लगाए गए हैं। 24 घंटे सीसीटीवी के जरिए नजर रखी जा रही है। जेल अधीक्षक अरुण कुमार का कहना है कि मुख्तार की बैरक के इर्दगिर्द अधिकृत व्यक्ति के अतिरिक्त किसी को भी जाने की इजाजत नहीं है।