फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इटावा: पेपर खराब होने पर बीएससी के छात्र ने लगाई फांसी, अब तक सामने आई ये बात

Mon, 30 Aug 2021 09:22 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इटावा

सार

सीओ सैफई साधुराम ने बताया कि प्राथमिक जांच में पेपर खराब होने की वजह से छात्र के फांसी लगा लेने की जानकारी हुई है। चार्जर लेने गए अभिषेक नाम के एक दोस्त ने आशुतोष को फंदे पर लटका देखा था। तहरीर मिलने पर मामले में कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

इटावा जिले में सैफई थाना क्षेत्र के हैवरा कोठी स्थित एक मकान में किराये पर रहने वाले बीएससी एग्रीकल्चर (प्रथम वर्ष) के छात्र ने पंखे पर अंगोछे के सहारे फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। चार्जर लेने छात्र के कमरे में गए दोस्त ने खिड़की से झांककर अंदर देखा तो छात्र का शव फंदे पर लटका था।
विज्ञापन


दोस्त ने सूचना उसके परिजनों, मकान मालिक व कॉलेज स्टाफ को दी। पुलिस व दोस्त के मुताबिक मृतक के दो पेपर खराब हो गए थे, इस कारण वह परेशान था। सीतापुर के थाना रामपुर, ताजपुर गांव निवासी किसान रमाधार यादव का बेटा आशुतोष (21) हैवरा कोठी कस्बा स्थित नेशू यादव के मकान में किराये पर रहता था।

दोस्तों ने बताया कि 21 अगस्त से परीक्षा हुई थी। दो पेपर खराब होने की आशंका पर आशुतोष परेशान था। इसके चलते उसने रविवार रात को कमरे में पंखे से अंगोछे के सहारे फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इसी बीच अभिषेक नाम का दोस्त उसके कमरे में मोबाइल का चार्जर लेने पहुंचा तो कमरा अंदर से बंद था।
विज्ञापन

उसने खिड़की से अंदर झांककर देखा तो आशुतोष का शव फंदे पर लटक रहा था। नेशू की सूचना पर पहुंची पुलिस ने आशुतोष के दोस्तों से पूछताछ की। पुलिस के पहुंचने से पहले दोस्तों ने छात्र के शव को फंदे से उतारकर तखत पर रख दिया था। फोरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य एकत्र किए।

पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। सोमवार सुबह मृतक का बड़ा भाई अंकुर व पिता परिजन समेत पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। सीओ सैफई साधुराम ने बताया कि प्राथमिक जांच में पेपर खराब होने की वजह से छात्र के फांसी लगा लेने की जानकारी हुई है। चार्जर लेने गए अभिषेक नाम के एक दोस्त ने आशुतोष को फंदे पर लटका देखा था। तहरीर मिलने पर मामले में कार्रवाई की जाएगी।

एक माह पहले घर गया था आशुतोष 
बड़े भाई अंकुर ने बताया कि परिवार में मां आशा देवी, चार बहनें हैं। पिता किसानी करते हैं। आशुतोष पांचवें नंबर का था। वह करीब एक माह पहले सीतापुर आया था। तब उसने किसी भी परेशानी का जिक्र नहीं किया था। आशुतोष ने खुद को बीएससी एग्रीकल्चर में द्वितीय वर्ष में प्रवेश करने की बात कही थी। कॉलेज आने पर जानकारी हुई कि 21 अगस्त से उसने प्रथम वर्ष की परीक्षा दी। दो पेपर खराब होने की आशंका पर वह इन दिनों परेशान था।

नहीं लगी ऑनलाइन क्लासेस
पीजी कॉलेज के छात्रों का आरोप है कि कॉलेज में ऑनलाइन क्लास नहीं चली, जबकि फीस जमा करा ली गई थी। अगस्त में परीक्षा शुरू हुई। बिना पढ़े परीक्षा देने से अधिकतर छात्र परेशान हैं और फेल होने की आशंका सता रही है। आशुतोष ने फेल होने के डर से खुदकुशी की।
विज्ञापन

ऑनलाइन चलीं क्लासेस हुई पढ़ाई
चौधरी चरण सिंह पीजी कॉलेज के प्राचार्य फतेह बहादुर सिंह ने बताया कि पिछले साल कॉलेज में एडमीशन लेने वाले छात्रों की क्लासेस मार्च तक चलीं। कोरोना के चलते फिर से इस साल लॉकडाउन लगा। इसके बाद शासन के आदेशानुसार ऑनलाइन क्लासेस लगीं, जो छात्र-छात्राएं पढ़ाई में इच्छुक होते थे वह ऑनलाइन क्लासेस में जुड़ते थे। जिनको नहीं पढ़ना होता था, वह नहीं जुड़ते थे। आशुतोष बीएससी एग्रीकल्चर से प्रथम वर्ष का छात्र था। उसने पांच पेपर दिए हैं, लेकिन अभी रिजल्ट नहीं आया है। छात्र का स्वभाव सही था।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें