इस कारण वह कानपुर देहात के जरहौली सिकंदरा स्थित मायके में रह रही थी। पुलिस को बताया कि उसने अपने जेवर बहन गुड्डी के पास रखे थे। उन्हें लेने वह 10 अप्रैल को आई थी। तभी से बहनोई घर पर नहीं है। यहां आने पर गुड्डी ने बताया कि गहने और कुछ जमीन उसके जीजा भगवान ने बेच दिए हैं।
पूनम ने बताया कि मंगलवार की सुबह गुड्ड़ी के पुत्र गौरव, सौरभ और विपिन उसे जमीन बलकट रखने की बात कहकर मोहद्दीपुर ले गए थे। शाम तक न आने पर पूछा तो ये लोग गोलमोल जवाब देने लगे। इस पर उसे अनहोनी की आशंका हुई और रात में ही पुलिस से शिकायत की। बुधवार सुबह उसकी हत्या की जानकारी मिली।
उसने बहनोई और उनके पुत्रों पर हत्या करने का आरोप लगाया है। क्षेत्राधिकारी प्रदीप कुमार ने बताया कि मृतका की बहिन पूनम की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर मृतका के पति भगवान सिंह, पुत्र गौरव, सौरभ, विपिन के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है। हत्यारों की गिरफ्तारी के लिए टीमें दबिश दे रही हैं। जल्द ही उनकी गिरफ्तारी कर खुलासा किया जाएगा
समय से पुलिस छानबीन करती तो बच सकती थी जान
पूनम ने पुलिस को बताया कि मंगलवार की रात अटसू चौकी में बहन गुड्डी के घर न पहुंचने की शिकायत की थी। यदि समय रहते पुलिस छानबीन करती तो उसकी जान शायद बच जाती। उधर घटना के बाद से तीनों पुत्र भी गायब है। सभी के मोबाइल भी बंद हैं। मृतका के रिश्तेदारों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है।