गजेंद्र की आवाज सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीण दौड़कर पहुंचे और युवकों को बचाने के लिए नदी में छलांग लगा दी। जब तक बचाने वाले ग्रामीण उन तक पहुंच पाते, दोनों पानी की गहराई में समा गए। आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने दोनों को बाहर निकाला और 50 शैया युक्त जिला अस्पताल औरैया ले गए।
वहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। युवकों की मौत से परिजनों में कोहराम मच हुआ है। एसडीएम मनोज सिंह, सीओ अजीतमल प्रदीप कुमार ने अस्पताल पहुंचकर घटनाक्रम की जानकारी ली। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक रवि श्रीवास्तव ने दोनों युवकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
ममेरे भाई की वरीक्षा में आया था अनुज
मानपुर निवासी दिनेश के छोटे पुत्र ज्ञानेंद्र की शुक्रवार को वरीक्षा थी। ममेरे भाई की वरीक्षा में शामिल होने अनुज आया था। गर्मी ज्यादा होने पर शनिवार को ममेरे भाइयों के साथ यमुना नदी में स्नान करने गया था। तभी आनंद के साथ खुद अनुज यमुना के पानी की गहराई में डूब गया। मृतक आनंद के एक पुत्र व एक पुत्री है। वह खेती करता था।
बात मान जाते तो बच जाती जान
मृतक आनंद प्रताप के चाचा दुर्गेश ने बताया कि उन्होंने यमुना में नहा रहे आनंद, गजेंद्र व अनुज को कई बार बाहर निकल कर घर चलने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने एक न सुनी। यदि बात मान लेते तो यह हादसा न होता।