कानपुर देहात। माती स्थित एंटी डकैती कोर्ट में बुधवार को बेहमई कांड की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ता गिरीश नरायन दुबे ने शिनाख्त मेमो को लेकर प्रार्थना पत्र दिए। उन्होंने कहा कि गवाहों के बयान विरोधाभासी हैं। गवाहों को बुलाया जाए। इस पर मामले की सुनवाई के लिए कोर्ट ने एक नवंबर की तिथि तय की है।
बेहमई कांड की सुनवाई माती स्थित एंटी डकैती कोर्ट सुधाकर राय की अदालत में हो रही है। पिछली तारीख पर अधिवक्ता गिरीश नरायन दुबे ने पूर्व में दिए गए प्रार्थना का निस्तारण गलत तरीके से होने की बात कही थी। साथ ही इस बार उन्होंने गवाहों के बयान विरोधाभासी होने की बात कह उन्हें बुलाने के लिए प्रार्थना पत्र दिया।
सुनवाई के दौरान विश्वनाथ, भीखा, श्यामबाबू मौजूद रहे। जिला शासकीय अधिवक्ता राजू पोरवाल ने बताया कि अनावश्यक मामले को लंबित रखने के लिए ऐसे पत्र बचाव पक्ष की ओर से दिए जा रहे हैं। मामले की सुनवाई के लिए कोर्ट ने एक नवंबर की तिथि तय की है। (संवाद)